
सरायपाली. ग्राम मुंधा एक पहाड़ी के नीचे बसा है। हर बरसात में बस्ती के मुख्य मार्ग पर पहाड़ी से निकलने वाला पझरा पानी गांव की गलियों में नाले की तरह बहता है। नाली निर्माण न होने के कारण यह पानी गांव के मुख्य मार्ग को जर्जर कर चुका है।
इससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण लंबे समय से नाली निर्माण और सीसी रोड की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगे अब तक पूरी नहीं हुई। मुंधा गांव की आबादी लगभग 1000 है। इसमें 20 से 30 परिवार पहाड़ी के नीचे ही निवास करते हैं। बरसात के मौसम में पहाड़ी से निकलने वाला पानी इनके घरों के आंगन, बरामदे और घरों के अंदर से रिसता है। लगातार पानी का रिसाव होने से गलियां कीचड़मय हो चुकी हैं। मुख्य मार्ग का सीसी रोड भी उखड़ गया है। इस कारण एक मोहल्ले से दूसरे मोहल्ले तक जाना ग्रामीणों के लिए चुनौती बन गई है। विशेष रूप से राशन वितरण के समय ग्रामीणों को अधिक दिक्कत होती है। छोटे बच्चे भी इस समस्या से अछूते नहीं है। वे बहते पानी और कीचड़ से होकर स्कूल जाते हैं। जिससे उनके कपड़े गीले हो जाते हैं। साइकिल सवार और भारी सामान ले जा रहे लोग अक्सर इन गलियों में गिरते हुए देखे जाते हैं। पहाड़ी से निकलने वाला पझरा पानी गलियों से होते हुए खेतों और तालाब तक पहुंचता है। इस पानी के साथ घरों का गंदा पानी भी बहता है। जिससे गलियों में गंदगी फैल रही है। यह स्थिति बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ा रही है, जो ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय है। गांव में नाली नहीं बनने से गलियों में ही पानी बहता रहता है, जिससे लोग परेशान हैं।
जर्जर मार्गों की मरम्मत की मांग
गांव में पहले दो-तीन बार सीसी रोड का निर्माण हो चुका है, लेकिन नाली के अभाव में ये सड़क बार-बार खराब हो जाती है। बहते पानी में ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य भारी वाहनों के आवागमन से स्थिति और बिगड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर नाली का निर्माण हो जाए तो पानी का बहाव नियंत्रित होगा
और रोड की स्थिति भी सुधरेगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र नाली निर्माण और जर्जर मार्गों की मरम्मत की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि बरसात के मौसम में उनकी दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो रही है। प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।










