
रायपुर। CG DASTAK
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में सामने आए नाबालिग से दुष्कर्म, फर्जी दस्तावेज तैयार कर प्रसव कराने और नवजात शिशु को बेचने के गंभीर मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद मामले में अब तक कुल 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान नवजात शिशु को भी सकुशल बरामद कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। जांच में पता चला कि नाबालिग पीड़िता की वास्तविक उम्र को छिपाने के लिए फर्जी पहचान संबंधी दस्तावेज तैयार किए गए थे। आरोप है कि आरोपी पूनम सागरिया ने अपने मोबाइल फोन की मदद से पीड़िता की उम्र अधिक दर्शाने वाला फर्जी पहचान पत्र तैयार किया था।
फर्जी दस्तावेज के जरिए उम्र बढ़ाने का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया कि पूरे मामले में पीड़िता की वास्तविक उम्र को छिपाने का प्रयास किया गया। इसके लिए मोबाइल फोन के माध्यम से फर्जी पहचान पत्र तैयार किए जाने की बात सामने आई है।
पुलिस ने इस मामले में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन को भी जब्त किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने में और कौन-कौन लोग शामिल थे और इस प्रक्रिया में किस स्तर पर मदद की गई।
नवजात को कांकेर के व्यक्ति को बेचने का आरोप
जांच में पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि पीड़िता से जन्मे नवजात शिशु को कांकेर निवासी सुब्रत बिश्वास को बेचने का आरोप है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और जांच के आधार पर नवजात को बरामद कर लिया।
बच्चे की सुरक्षा और उचित देखभाल को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने नवजात को रायपुर स्थित मातृछाया संस्था को सौंप दिया है। संस्था में बच्चे की देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।
अब तक 8 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में गिरफ्तारियों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि नाबालिग को फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराने, प्रसव कराने और नवजात को कथित तौर पर बेचने की पूरी प्रक्रिया में किन-किन लोगों की भूमिका थी।
पुलिस आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। इससे मामले में शामिल अन्य लोगों और उनके बीच हुए संपर्कों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है।
पुलिस की जांच जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के साथ आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह भी जांच रही है कि इस पूरे घटनाक्रम में किसी संगठित गिरोह या अन्य व्यक्तियों की भूमिका तो नहीं थी।
फिलहाल पुलिस ने नवजात को सुरक्षित बरामद कर लिया है और उसे मातृछाया संस्था में रखा गया है। वहीं, मामले में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।
पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले से जुड़े अन्य आरोपों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
नोट: नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली कोई जानकारी प्रकाशित नहीं की गई है।









