
कांकेर। CG DASTAK
कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक छात्रा को टेलीग्राम के जरिए अश्लील वीडियो भेजने और प्रैक्टिकल परीक्षा में कम अंक देने की धमकी देकर परेशान करने के आरोप में एक प्रोफेसर को गिरफ्तार किया गया है। छात्रा की शिकायत पर सिटी कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान पीयुषकांत नेताम के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
टेलीग्राम पर अश्लील वीडियो भेजने का आरोप
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, छात्रा ने 27 अक्टूबर 2026 को सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रोफेसर पीयुषकांत नेताम ने 25 सितंबर 2026 को टेलीग्राम के माध्यम से उसे अश्लील वीडियो भेजा था।
छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि प्रोफेसर पहले भी उससे अश्लील बातें करता था। शिकायत के अनुसार, इस व्यवहार के कारण छात्रा मानसिक रूप से परेशान थी।
मामले में एक गंभीर आरोप यह भी है कि आरोपी ने प्रैक्टिकल परीक्षा में कम अंक देने की धमकी दी थी। शैक्षणिक मूल्यांकन से जुड़ी ऐसी कथित धमकी विद्यार्थियों पर मानसिक दबाव डाल सकती है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान ही होगी।
BNS और IT एक्ट के तहत मामला दर्ज
छात्रा की शिकायत मिलने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75(2), 75(3) और 351(2) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67A के तहत अपराध दर्ज किया।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी कांकेर स्थित कृषि महाविद्यालय परिसर में मौजूद है।
कृषि महाविद्यालय परिसर से गिरफ्तारी
सूचना मिलने के बाद सहायक उपनिरीक्षक भुनेश्वरी भगत के नेतृत्व में पुलिस टीम कृषि महाविद्यालय परिसर पहुंची। पुलिस ने वहां से आरोपी पीयुषकांत नेताम को हिरासत में लिया।
पुलिस के मुताबिक, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के आधार पर 28 अक्टूबर 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
छात्रा की शिकायत के बाद पुलिस की कार्रवाई
इस मामले में छात्रा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार किया। फिलहाल मामले में दर्ज आरोपों की जांच जारी है।
शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थियों की सुरक्षा, सम्मान और निष्पक्ष मूल्यांकन महत्वपूर्ण विषय हैं। किसी भी विद्यार्थी को यदि अनुचित व्यवहार, धमकी या उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है, तो वह संबंधित पुलिस थाने या सक्षम प्राधिकारी से शिकायत कर सकता है।
मामले में आरोपी का पक्ष उपलब्ध नहीं है। आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। गिरफ्तारी अपने आप में आरोपों का अंतिम प्रमाण नहीं है।









