
बिलासपुर। Cg dustak
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से सामाजिक बहिष्कार का एक गंभीर मामला सामने आया है। रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नवागांव मोहदा में रहने वाले एक दंपति का आरोप है कि रामायण कार्यक्रम के लिए चंदा नहीं देने पर गांव के कुछ लोगों ने उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया। पीड़ित का कहना है कि उन्हें गांव में बातचीत, हुक्का-पानी, खेती-किसानी और मजदूरी जैसे सामान्य सामाजिक कार्यों से भी अलग कर दिया गया है। मामले में उन्होंने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।
आर्थिक तंगी के कारण नहीं दे सके थे चंदा
पीड़ित संतोष कुमार साहू के अनुसार, वर्ष 2023 में गांव में नवधा रामायण का आयोजन किया गया था। उस समय आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे आयोजन के लिए चंदा नहीं दे सके। इसके बाद गांव में बैठक कर कथित तौर पर उनके सामाजिक बहिष्कार का निर्णय लिया गया।
उनका आरोप है कि गांव के लोगों ने उनसे सभी सामाजिक संबंध समाप्त कर दिए और यहां तक कहा गया कि जो भी उनसे बातचीत करेगा, उस पर जुर्माना लगाया जाएगा।
सामान्य जीवन हुआ प्रभावित
संतोष साहू ने बताया कि वह निसंतान हैं और अपनी बीमार पत्नी के साथ रहते हैं। सामाजिक बहिष्कार के कारण उनका दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। गांव के माहौल के चलते उन्हें खेती-किसानी और मजदूरी जैसे कार्यों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने पहले स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने कलेक्टर और एसएसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
एसएसपी ने क्या कहा?

बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बताया कि संतोष कुमार साहू की शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच के दौरान गांव के कुछ लोगों ने यह आरोप लगाया है कि संतोष कुमार साहू गांव में आयोजित हिंदू धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल नहीं होते और धार्मिक आयोजनों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हैं। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन आरोपों की भी जांच की जा रही है और सभी पक्षों के बयान एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
नोट: इस मामले में दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे हैं। अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।










