
राजनांदगांव। CG DASTAK
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के घुमका थाना क्षेत्र में पुलिस पर दो युवकों को करीब 36 घंटे तक हिरासत में रखकर मारपीट करने और हत्या कबूल कराने का दबाव बनाने का गंभीर आरोप लगा है। परिजनों ने युवकों के शरीर पर चोट और लाल निशान दिखाते हुए एसपी कार्यालय में शिकायत की है। पुलिस का कहना है कि तीनों युवक बुजुर्ग महिला की मौत के मामले में मुख्य संदिग्ध थे और उनसे पूछताछ की जा रही थी।

बुजुर्ग महिला की मौत के बाद शुरू हुई जांच
जानकारी के मुताबिक, 11 नवंबर 2025 को ग्राम बरबसपुर में 70 वर्षीय बिहासीन साहू की अधजली लाश उनके ही पैरागृह में मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या के बाद शव जलाए जाने की पुष्टि होने की बात सामने आई थी। इसके बाद घुमका पुलिस मामले की जांच कर रही थी।
जांच के दौरान पुलिस ने मृतका के बेटे नेतराम साहू और उनके पोते पवन साहू व प्रदीप साहू को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था।
परिवार का आरोप- 36 घंटे तक हिरासत में रखकर पीटा
परिजनों का आरोप है कि तीनों को 18 अगस्त की सुबह से 20 अगस्त की शाम तक थाने में रखा गया। इस दौरान पवन और प्रदीप के साथ मारपीट की गई। परिवार का दावा है कि मारपीट के कारण दोनों की तबीयत बिगड़ गई और बाद में उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।
नेतराम साहू ने एसपी को दी शिकायत में आरोप लगाया कि करीब 10-12 पुलिसकर्मियों ने उनके दोनों बेटों को लाठियों से पीटा और हत्या कबूल करने के लिए दबाव बनाया। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान दोनों को वकील या परिजनों से मिलने नहीं दिया गया और समय पर इलाज की सुविधा भी नहीं मिली।

20 अगस्त की शाम थाने से छोड़ा
परिवार के अनुसार, करीब 36 घंटे पूछताछ के बाद पुलिस ने तीनों को 20 अगस्त की शाम बरबसपुर के प्रवेश द्वार के पास छोड़ दिया। इसके बाद पवन और प्रदीप की तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
परिजनों और ग्रामीणों ने बाद में एसपी कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत की और संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।
परिवार ने पुलिस की जांच पर भी उठाए सवाल
परिजनों का दावा है कि घटना के दिन नेतराम साहू अपने दोनों बेटों के साथ दूसरे गांव में लड़की देखने गए थे। इसी दौरान उन्हें फोन पर बुजुर्ग महिला की मौत की जानकारी मिली।
परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस वास्तविक आरोपियों की तलाश करने के बजाय उनके परिवार के सदस्यों को ही मामले में फंसाने का प्रयास कर रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने क्या कहा?
मामले में एडिशनल एसपी कीर्तन राठौर के मुताबिक, तीनों मृतका के रिश्तेदार हैं और मामले के मुख्य संदिग्धों के तौर पर उनसे पूछताछ की जा रही थी। उन्होंने कहा कि हिरासत में मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोपों की अलग से निष्पक्ष जांच की जा रही है। वहीं, बुजुर्ग महिला की हत्या के मामले में पुलिस की जांच भी जारी है।
अब पूरे मामले में दो स्तर पर जांच चल रही है—एक तरफ बुजुर्ग महिला की हत्या की जांच और दूसरी तरफ पुलिसकर्मियों पर लगाए गए मारपीट व दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच। जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

नोट: खबर में मारपीट और पुलिस पर लगाए गए अन्य आरोप शिकायतकर्ता/परिजनों के दावे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।









