
सरगुजा। CG DASTAK
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने की जनसुनवाई, सरगुजा में नाबालिगों और युवतियों की मानव तस्करी की शिकायतों पर जागरूकता बढ़ाने पर जोर
सरगुजा। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने सरगुजा संभाग के दौरे के दौरान महिला संबंधी मामलों की जनसुनवाई की। इस दौरान सरगुजा, सूरजपुर, जशपुर, कोरिया, बलरामपुर और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिलों से जुड़े कुल 25 प्रकरणों की सुनवाई की गई। इनमें से 6 प्रकरणों का निराकरण किया गया।

जनसुनवाई के दौरान महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, मानसिक प्रताड़ना और कार्यस्थल से जुड़े मामलों सहित विभिन्न शिकायतों पर संबंधित पक्षों को सुना गया। आयोग ने कुछ मामलों में संबंधित अधिकारियों को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
मानव तस्करी रोकने जागरूकता अभियान चलाने की बात
सरगुजा दौरे के दौरान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने मानव तस्करी के मुद्दे पर जागरूकता अभियान चलाने की बात कही। उनके अनुसार सरगुजा क्षेत्र में नाबालिग और युवतियों की मानव तस्करी की शिकायतें चिंता का विषय हैं।
आयोग की ओर से कहा गया कि इस समस्या से निपटने के लिए केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करना भी जरूरी है। इसके लिए पुलिस, न्यायपालिका और समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से जागरूकता अभियान चलाने की बात कही गई।
डॉ. साहू ने यह भी कहा कि जागरूकता की कमी के कारण कई लोग मानव तस्करी से जुड़े मामलों में आसानी से प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे मामलों की जानकारी लोगों तक पहुंचाने और संभावित पीड़ितों को समय रहते सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
25 मामलों की हुई सुनवाई
मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में संभाग के छह जिलों से संबंधित 25 प्रकरण आयोग के सामने रखे गए। इनमें से 6 मामलों का निराकरण किया गया।
सुनवाई के दौरान मानसिक प्रताड़ना से संबंधित एक मामले में कलेक्टर को जांच कर रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। इसी तरह कार्यस्थल पर प्रताड़ना से जुड़े एक मामले में सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग को जांच के निर्देश दिए गए।
घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना से जुड़े अन्य मामलों में भी संबंधित संरक्षण अधिकारियों को जांच कर रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुई सुनवाई
जनसुनवाई के दौरान संभाग प्रभारी लक्ष्मी शुक्ला सहित महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी, संरक्षण अधिकारी, विधिक सहायता टीम और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
आयोग ने मामलों की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ताओं और संबंधित पक्षों की बात सुनी तथा आवश्यकता के अनुसार संबंधित विभागों से जांच और रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
महिला आयोग की इस जनसुनवाई का उद्देश्य लंबित महिला संबंधी शिकायतों की सुनवाई के साथ-साथ पीड़ित महिलाओं को उपलब्ध कानूनी और प्रशासनिक सहायता की जानकारी देना भी रहा।
मानव तस्करी के मामलों में जागरूकता क्यों जरूरी?
मानव तस्करी के मामलों में लोगों को नौकरी, रोजगार, शादी या अन्य अवसरों का झांसा देकर शोषण किए जाने की शिकायतें सामने आती हैं। ऐसे मामलों में परिवार और समुदाय की जागरूकता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। संदिग्ध परिस्थितियों में किसी व्यक्ति के गायब होने या किसी अनजान व्यक्ति द्वारा नौकरी अथवा अन्य लालच दिए जाने पर समय रहते पुलिस या संबंधित प्रशासन को सूचना देना जरूरी है।
महिला आयोग ने सरगुजा में जागरूकता अभियान के जरिए इस तरह के मामलों की रोकथाम के लिए सामुदायिक भागीदारी पर जोर दिया है।
नोट: मानव तस्करी से संबंधित आंकड़े और समस्याओं का उल्लेख आयोग की ओर से दिए गए बयानों के आधार पर है। किसी व्यक्ति या संस्था पर अपराध का आरोप इस रिपोर्ट में सिद्ध तथ्य के रूप में नहीं लगाया गया है।









