
रायपुर। CG DASTAK
ED ने कोर्ट से दोबारा ओपन-एंडेड गिरफ्तारी वारंट कराया जारी, हाई कमीशन को भेजे गए दस्तावेज; अब दोनों देशों के समन्वय से आगे बढ़ेगी कार्रवाई।
रायपुर। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल सौरभ चंद्राकर को भारत लाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार, सौरभ के दुबई छोड़कर ओमान पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद रायपुर की विशेष PMLA अदालत से दोबारा ओपन-एंडेड गिरफ्तारी वारंट जारी कराया गया है, ताकि प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
ED के अनुसार, अदालत से वारंट मिलने के बाद प्रत्यर्पण से जुड़े सभी दस्तावेजों पर आवश्यक न्यायिक औपचारिकताएं पूरी कर भारत के हाई कमीशन को भेज दिया गया है। अब मामला ओमान के संबंधित अधिकारियों और भारतीय एजेंसियों के समन्वय से आगे बढ़ेगा।
एजेंसी का कहना है कि सौरभ चंद्राकर को भारत लाने के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अब प्रत्यर्पण की अगली कार्रवाई दोनों देशों के बीच तय कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी।
क्या है ओपन-एंडेड गिरफ्तारी वारंट?
ओपन-एंडेड गिरफ्तारी वारंट ऐसा वारंट होता है जिसकी कोई तय समय-सीमा नहीं होती। यह तब तक प्रभावी रहता है, जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो जाती या संबंधित अदालत इसे वापस नहीं लेती। विदेश में फरार आरोपियों के प्रत्यर्पण मामलों में इस प्रकार के वारंट का उपयोग किया जाता है।
ED का दावा: 4336 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच
ED के मुताबिक, महादेव बेटिंग ऐप मामले में अब तक 175 से अधिक स्थानों पर छापेमारी, 13 आरोपियों की गिरफ्तारी और 74 लोगों को आरोपी बनाया जा चुका है। एजेंसी ने बताया कि मामले में अब तक 4,336 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अटैच, सीज या फ्रीज की जा चुकी हैं। साथ ही रायपुर की विशेष PMLA अदालत में पांच अभियोजन शिकायतें भी दाखिल की गई हैं।

नोट: महादेव ऐप मामले में ED द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है। अंतिम निर्णय संबंधित न्यायालय द्वारा किया जाएगा।










