
मगरलोड/गरियाबंद। छत्तीसगढ़ में रेत खनन को लेकर एक नया और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक स्टांप पेपर पर किया गया फर्जी ग्राम समिति का एग्रीमेंट अब सवालों के घेरे में है, जिसमें बैठक की तारीख 1 अगस्त 2025 दर्ज की गई है – जो अभी आई ही नहीं है।
यह स्पष्ट संकेत है कि रेत माफिया पहले से ही गांव की ग्राम समिति के नाम पर अवैध दस्तावेज तैयार कर, भविष्य की तारीखों का उल्लेख कर खनन की सहमति प्राप्त करने का भ्रम फैला रहे हैं। यह एक गंभीर मामला है, जो न सिर्फ़ ग्रामीणों को गुमराह कर रहा है बल्कि सरकारी व्यवस्था और नियमों का खुला उल्लंघन भी है।
📌 क्या है मामला?
स्टांप पेपर पर लिखा गया है कि दिनांक 01.08.2025 को ग्राम समिति द्वारा ग्राम निरई (मोहेरा) की मिटिंग आयोजित की गई, जिसमें 10 लाख रुपये की खदान पट्टे की राशि संबंधित पक्ष (रेत माफिया रघुवीर पटेल एवं नादिर कुरेशी) को ग्राम समिति द्वारा दी गई। लेकिन यह तिथि अभी आई ही नहीं है – इससे साफ़ ज़ाहिर होता है कि दस्तावेज़ पूरी तरह फ़र्ज़ी और पूर्व नियोजित साज़िश के तहत बनाया गया है।
इसके अलावा दस्तावेज़ में यह भी उल्लेख है कि खदान के संचालन की अनुमति प्रदान की जाती है, जबकि ज़मीनी स्तर पर किसी भी वैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है।
⚠️ कैसे गुमराह किया जा रहा है ग्रामीणों को?
- नकली कागजों के ज़रिए भरोसा दिलाया जा रहा है कि प्रशासन से सारी अनुमति मिल चुकी है।
- ग्राम समिति के सदस्यों से दस्तखत करवाए जा रहे हैं, जिनमें से कई को दस्तावेज़ की असलियत की जानकारी ही नहीं है।
- भविष्य की तारीख डालकर कागज़ी कार्रवाई पूरी करने का भ्रम फैलाया गया है।
❗ यह क्यों है गंभीर?
खनन जैसे संवेदनशील विषय पर फ़र्ज़ीवाड़ा, पर्यावरण और स्थानीय लोगों के अधिकारों के साथ अन्याय है।
भविष्य की तारीख डालकर की गई बैठक को वैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा नहीं माना जा सकता।
रेत माफिया रघुवीर पटेल एवं नादिर कुरेशी द्वारा ग्रामीणों को गुमराह कर अवैध खनन का रास्ता साफ किया जा रहा है, जो राज्य की प्राकृतिक संपदा और राजस्व दोनों के लिए नुकसानदायक है।
🙏 ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले में मांग की है कि:
- फर्जी एग्रीमेंट की जांच हो।
- रेत माफिया के खिलाफ FIR दर्ज की जाए।
- ग्राम समिति को गुमराह कर किए गए इस अवैध दस्तावेज को रद्द किया जाए।
- खनन पर रोक लगाई जाए जब तक वैधानिक प्रक्रिया पूरी न हो।
📝 CG Dastak की अपील
“सरकार को इस पूरे मामले का संज्ञान लेकर अवैध खनन, ग्रामीणों को गुमराह करने और फर्जी कागज़ात तैयार करने वालों पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। वरना यह चलन पूरे राज्य में अन्य गांवों तक फैल सकता है, जिससे ग्रामीण अधिकारों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा असंभव हो जाएगी।”
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📸 फर्जी दस्तावेज़ की कॉपी नीचे देखें:










