
दुर्ग। CG DASTAK
KPS कुठेला भाठा की स्कूल बस जांच में पकड़ा गया शराब के नशे में चालक, कोर्ट ने सुनाई सजा; जुर्माना नहीं देने पर 40 दिन अतिरिक्त जेल
दुर्ग। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर चल रही यातायात पुलिस की जांच के दौरान दुर्ग में एक स्कूल बस चालक को शराब के नशे में वाहन चलाते पकड़ा गया। पुलिस ने मौके पर ही बस को जब्त कर चालक के खिलाफ कार्रवाई की और मामला न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने चालक को 3 दिन के साधारण कारावास और कुल ₹15 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है।
मामला 7 सितंबर का बताया गया है। यातायात पुलिस दुर्ग की टीम स्कूल बसों और उनके चालकों की जांच कर रही थी। इसी दौरान KPS कुठेला भाठा की स्कूल बस क्रमांक CG 07 CT 0968 की जांच की गई।
जांच के दौरान बस चालक गोपीराम विश्वकर्मा के शराब के नशे में बस चलाने की बात सामने आई। इसके बाद यातायात पुलिस ने तत्काल बस को जब्त कर चालक के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की।
धारा 185 और 184 के तहत कार्रवाई
पुलिस ने चालक के खिलाफ मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के तहत शराब के नशे में वाहन चलाने के मामले में कार्रवाई की। इसके अलावा धारा 184 के तहत भी कार्रवाई की गई और प्रकरण न्यायालय में पेश किया गया।
न्यायालय में सुनवाई के बाद चालक को धारा 185 के तहत 3 दिन के साधारण कारावास और ₹10 हजार के जुर्माने की सजा दी गई। वहीं धारा 184 के तहत ₹5 हजार का अतिरिक्त जुर्माना लगाया गया। इस तरह दोनों धाराओं में कुल ₹15 हजार का अर्थदंड लगाया गया।
जुर्माना नहीं भरा तो 40 दिन और जेल
कोर्ट के आदेश के मुताबिक यदि चालक जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है तो उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 185 के तहत ₹10 हजार का जुर्माना नहीं देने पर 30 दिन और धारा 184 के तहत ₹5 हजार का जुर्माना नहीं देने पर 10 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास निर्धारित किया गया है।
यानी जुर्माना जमा नहीं करने की स्थिति में दोनों धाराओं में कुल 40 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ सकता है।

यातायात पुलिस की ओर से स्कूल बसों और उनके चालकों की लगातार जांच की जा रही है। इस कार्रवाई के संबंध में रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को भी भेजी गई है। साथ ही संबंधित स्कूल प्रबंधन को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।
स्कूली बच्चों को लेकर चलने वाले वाहनों में सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शराब के नशे में स्कूल बस चलाने के मामले में कोर्ट द्वारा जेल और अर्थदंड की सजा दिए जाने से अन्य वाहन चालकों के लिए भी सख्त संदेश गया है।









