
धमतरी/मगरलोड। CG DASTAK
परिवार ने जताया बैगा से संपर्क को लेकर संदेह, पुलिस ने मोबाइल जब्त कर शुरू की जांच
धमतरी/मगरलोड। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के मगरलोड नगर पंचायत के वार्ड नंबर-4 में 26 वर्षीय युवती की मौत के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। घटना को लेकर परिवार और ग्रामीणों के बीच कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। युवती की पहचान लता सिन्हा के रूप में हुई है।

परिवार के मुताबिक घटना की रात घर में सब कुछ सामान्य था। लता के माता-पिता खाना खाने के बाद टीवी देख रहे थे। इसी दौरान लता ने कथित तौर पर उस कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया, जिसमें उसके माता-पिता मौजूद थे। माता-पिता ने इसे शुरुआत में मजाक समझा और दरवाजा खोलने के लिए आवाज लगाई, लेकिन दरवाजा नहीं खुला।
रातभर दोनों कमरे में ही बंद रहे। सुबह उन्होंने फोन के जरिए रिश्तेदारों को इसकी जानकारी दी। रिश्तेदार और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और इसके बाद डायल-112 को सूचना दी गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा खुलवाया। इसके बाद घर के दूसरे हिस्से में लता मृत अवस्था में मिली।
बैगा से संपर्क को लेकर परिवार ने जताया संदेह
घटना के बाद परिवार ने गांव के ही एक बैगा से लता के कथित संपर्क को लेकर संदेह जताया है। परिवार का कहना है कि लता का बैगा के यहां आना-जाना बढ़ गया था और वह उससे काफी देर तक फोन पर बातचीत करती थी।
परिवार की ओर से आशंका जताई गई है कि कहीं युवती किसी मानसिक दबाव, डर या किसी अन्य परिस्थिति से परेशान तो नहीं थी। हालांकि बैगा की भूमिका या किसी तरह के दबाव की बात अभी पुलिस जांच में साबित नहीं हुई है।
मोबाइल कॉल डिटेल्स से खुलेगा मौत का राज?
पुलिस ने लता का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। उसके कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी जानकारी की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले युवती किन लोगों के संपर्क में थी और उसकी मानसिक स्थिति या परिस्थितियों को लेकर कोई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आती है या नहीं।
मामले में बैगा से भी पूछताछ किए जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा पुलिस प्रेम प्रसंग अथवा किसी अन्य व्यक्तिगत कारण समेत सभी संभावित पहलुओं को जांच के दायरे में रख सकती है।
पिता की रिपोर्ट पर मर्ग कायम
मगरलोड थाने में मृतिका के पिता हीरालाल सिन्हा की रिपोर्ट पर मर्ग कायम किया गया है। पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि युवती ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया। माता-पिता को पहले कमरे में बंद किए जाने की घटना ने मामले को और गंभीर बना दिया है। अब पुलिस की जांच, मोबाइल कॉल डिटेल्स और अन्य साक्ष्यों से ही इस मौत के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां सामने आ सकेंगी।
नोट: बैगा से जुड़े आरोप फिलहाल परिवार के संदेह/आरोप हैं। पुलिस जांच पूरी होने तक इसे मौत का कारण या किसी व्यक्ति की भूमिका के रूप में निश्चित नहीं माना जा सकता।









