
बारसूर के कोहकाबेड़ा-बुरदूम के जंगल में DRG-CRPF की संयुक्त कार्रवाई; INSAS, 315 बोर के 138 राउंड, BGL शेल और विस्फोटक सामग्री मिली
दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में चलाए जा रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। बारसूर थाना क्षेत्र के कोहकाबेड़ा-बुरदूम के बीच जंगल और पहाड़ी इलाके में सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों ने एक कथित नक्सल डंप बरामद किया है।

पुलिस के अनुसार डंप से AK-47, INSAS राइफल, BGL लॉन्चर, बड़ी संख्या में कारतूस, कुकर बम, टिफिन बम और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है।
आत्मसमर्पित नक्सलियों की सूचना पर ऑपरेशन
पुलिस के मुताबिक आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली सूचना के आधार पर बारसूर इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था।
जिला बल, DRG, बस्तर फाइटर्स और CRPF की संयुक्त टीम 5 अक्टूबर से मंगनार, बुरदूम, तोड़मा और कोहकाबेड़ा के आसपास के जंगल एवं पहाड़ी क्षेत्रों में एरिया डोमिनेशन कर रही थी।

इसी अभियान के दौरान 6 अक्टूबर की सुबह करीब 6:30 बजे सुरक्षा बलों को जंगल में छिपाकर रखा गया हथियारों और विस्फोटकों का डंप मिला।
AK-47 और INSAS समेत हथियार बरामद
एसपी चंद्रमोहन सिंह के मुताबिक बरामद सामान में:
- 1 AK-47 राइफल
- AK-47 की मैगजीन और 23 राउंड
- 1 INSAS राइफल और मैगजीन
- 6 भरमार बंदूकें
- 1 BGL लॉन्चर
- 9 BGL शेल
- 5 अन्य BGL राउंड
- 315 बोर के 138 राउंड
शामिल हैं।

10 बम और विस्फोटक सामग्री बरामद
सुरक्षा बलों को डंप से 8 कुकर बम और 2 टिफिन बम भी मिले हैं। इसके अलावा करीब 20 मीटर कॉडेक्स वायर और पिस्टन रॉड स्प्रिंग के 24 नग बरामद किए गए।
इसके साथ ही एक वॉकी-टॉकी सेट, तीर बम, दो इन्वर्टर, मल्टीमीटर और नक्सली वर्दी के दो जोड़े भी मिले हैं।

इंटेलिजेंस इनपुट के बाद बढ़ाई गई सर्चिंग
एसपी चंद्रमोहन सिंह के मुताबिक सटीक इंटेलिजेंस इनपुट मिलने के बाद CRPF और DRG की संयुक्त टीम ने इलाके में सर्चिंग तेज की थी।

सुरक्षा बलों की यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब बस्तर क्षेत्र में छिपाकर रखे गए हथियारों और विस्फोटक डंप को तलाशने के लिए एरिया डोमिनेशन अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार दूसरे इलाकों में भी ऐसे डंप की जानकारी मिल रही है, जिनका सत्यापन किया जा रहा है।
लगातार जारी है सर्च ऑपरेशन
बरामद हथियारों और विस्फोटक सामग्री को सुरक्षा मानकों के अनुसार कब्जे में लिया गया है। इसके बाद पूरे इलाके में सर्चिंग और एरिया डोमिनेशन जारी है।
गौरतलब है कि 31 मार्च 2026 को छत्तीसगढ़ को सशस्त्र माओवादी गतिविधियों से मुक्त घोषित किए जाने के बाद भी सुरक्षा बल पुराने छिपे हुए हथियारों, विस्फोटकों और अन्य सामग्री को तलाशने के लिए अभियान चला रहे हैं। आज की बरामदगी इसी तरह के अभियान के दौरान हुई है।
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