
धमतरी। देशभर में जहां 20 अक्टूबर को दिवाली मनाई जाएगी, वहीं छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के सेमरा (भखारा) गांव में आज, 14 अक्टूबर को ही दिवाली मनाई जा रही है। इसके साथ ही 15 अक्टूबर को यहां गोवर्धन पूजा आयोजित की जाएगी।
एक हफ्ते पहले मनाई जाती है दीपावली
सेमरा गांव में यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। पूरे देश में दिवाली एक निश्चित तिथि पर मनाई जाती है, लेकिन यहां कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी और नवमी तिथि को ही दीपावली मनाने की परंपरा है। ग्रामीण मान्यता के अनुसार, यह परंपरा सदियों पुरानी है और आज भी यहां के लोग श्रद्धा और उल्लास के साथ उसी दिन दिवाली मनाते हैं।
गांव में दीप सजावट, पूजा-पाठ और घरों की सफाई की तैयारियाँ जोर-शोर से की जा रही हैं।
‘सिरदार देव’ से जुड़ी है परंपरा की कहानी
ग्रामीणों के अनुसार, इस परंपरा की शुरुआत गांव के आराध्य देव ‘सिरदार देव’ के आदेश से हुई थी। बताया जाता है कि प्राचीन समय में एक बुजुर्ग राजा सिरदार इस क्षेत्र में आकर बसे थे। यह इलाका घने जंगलों से घिरा हुआ था और राजा सिरदार की चमत्कारी शक्तियों के कारण ग्रामीण उन पर गहरी आस्था रखते थे।

एक दिन राजा सिरदार शिकार पर गए और वहीं उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद गांव के बैगा को सपना आया कि राजा का शव कहाँ है। पहले तो ग्रामीणों ने विश्वास नहीं किया, लेकिन जब वे बताए गए स्थान पर पहुँचे, तो सपना सच निकला।
राजा का वहीं अंतिम संस्कार किया गया और उसी स्थान पर ‘सिरदार देव मंदिर’ की स्थापना की गई। तभी से ग्रामीण उनके आदेश का पालन करते हुए हर वर्ष दीपावली एक सप्ताह पहले मनाते आ रहे हैं।










