
नई दिल्ली। CG DASTAK
ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2026 से विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) – VB-G RAM G को लागू कर दिया है। इसके साथ ही दो दशक से अधिक समय से संचालित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह नया कानूनी ढांचा प्रभावी हो गया है।
नई व्यवस्था के तहत अब ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। साथ ही ग्रामीण मजदूरों की औसत दैनिक मजदूरी ₹298.80 से बढ़ाकर ₹327.40 कर दी गई है।
आंध्र प्रदेश से होगा राष्ट्रीय शुभारंभ
योजना का राष्ट्रीय शुभारंभ 2 जुलाई को आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के मुक्कावरिपल्ली गांव में किया जाएगा। इस अवसर पर ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड वितरित किए जाएंगे और लोगों को नई योजना की जानकारी दी जाएगी।
सरकार ने जारी किए ₹95,692 करोड़
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ₹95,692.31 करोड़ की अंतरिम राशि जारी की है, ताकि मजदूरी का समय पर भुगतान हो और विकास कार्य बिना किसी बाधा के चलते रहें।
शिवराज सिंह चौहान ने क्या कहा?
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार ने नई व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी प्रशासनिक, वित्तीय और तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली हैं। उनका कहना है कि कोई भी पात्र ग्रामीण श्रमिक रोजगार से वंचित न रहे, यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। रोजगार अवधि बढ़ने से ग्रामीण परिवारों की आय, टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण और ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।
जानिए नई योजना की 3 बड़ी बातें
जिन श्रमिकों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है, वे नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड मिलने तक पुराने जॉब कार्ड से ही काम कर सकेंगे।
ग्राम पंचायतें पहले की तरह रोजगार कार्यों की योजना बनाकर उनकी निगरानी करेंगी। जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन विकास, कृषि, ग्रामीण आधारभूत ढांचे और महिला सशक्तीकरण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता मिलेगी।
केंद्र सरकार के अनुसार 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने योजना के लिए बजटीय प्रावधान किए हैं, जबकि 24 राज्यों ने अपनी VB-G RAM G योजना अधिसूचित कर दी है।










