
News:रायपुर। CG DASTAK

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित महानदी भवन मंत्रालय में मंगलवार को आयोजित मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में ग्रामीण रोजगार, आजीविका, डिजिटल सुशासन और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने वाले कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
ग्रामीणों को मिलेगी 125 दिन रोजगार की गारंटी
कैबिनेट ने “विकसित भारत – रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन (ग्रामीण) : वीबी-जी राम जी योजना छत्तीसगढ़” के प्रारूप को मंजूरी दी। भारत सरकार के अधिनियम-2025 के अनुरूप लागू होने वाली इस योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के अकुशल श्रम आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी।
योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण आधारभूत संरचना निर्माण, आजीविका परिसंपत्तियों का विकास तथा टिकाऊ रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य बजट में 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना में केंद्र और राज्य के व्यय का अनुपात 60:40 रहेगा।
‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ योजना को मिली मंजूरी
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने के उद्देश्य से कैबिनेट ने “अटल आजीविका समृद्धि हाट” योजना को भी मंजूरी दी। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हथकरघा, बुनाई-सिलाई, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां, डेयरी, राइस मिल, कोल्ड स्टोरेज, सोलर ड्रायर, कृषि उपकरण मरम्मत केंद्र, अटल डिजिटल केंद्र, विपणन एवं आपूर्ति केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
इस योजना का उद्देश्य स्थानीय उत्पादन, प्रसंस्करण, सेवा और विपणन गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीणों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है। योजना के संचालन की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को दी गई है।
कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) नीति 2026 को भी हरी झंडी
कैबिनेट ने “छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति (CG-CBG Policy), 2026” के प्रारूप को भी मंजूरी प्रदान की। इस नीति के तहत कृषि अवशेष, नगरीय ठोस अपशिष्ट, पशुधन अपशिष्ट और अन्य जैविक संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग कर कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) का उत्पादन किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस नीति से अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी, जैव उर्वरक उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047 के अनुसार राज्य में प्रतिवर्ष लगभग 5 लाख टन CBG उत्पादन की संभावना है। इस नीति के क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण को राज्य की नोडल एजेंसी बनाया गया है।










