
लोरमी। CG DASTAK

मुंगेली जिले के लोरमी क्षेत्र के नवागांव (दयाली) ग्राम पंचायत अंतर्गत चचेड़ी गांव में वन विभाग की कार्रवाई के बाद करीब 40 से 45 गरीब परिवारों के आवासीय ढांचे ध्वस्त कर दिए गए। बुलडोजर कार्रवाई के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासनिक समन्वय की कमी और बिना पर्याप्त सूचना कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों के अनुसार, वे पिछले 20 से 25 वर्षों से इस भूमि पर निवास कर रहे हैं। उनका दावा है कि कई परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकानों की स्वीकृति मिली थी और सरकारी राशि से निर्माण कार्य भी कराया गया था। ऐसे में ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि यदि भूमि वन विभाग की थी या अतिक्रमण की श्रेणी में आती थी, तो सरकारी योजना के तहत आवास स्वीकृत कैसे किए गए।

प्रभावित परिवारों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लोरमी को हस्ताक्षरयुक्त आवेदन सौंपकर कार्रवाई पर आपत्ति दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि अधिकांश परिवारों को पर्याप्त पूर्व लिखित नोटिस दिए बिना भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मकानों पर बुलडोजर चला दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि कार्रवाई के दौरान उनके घरों में रखा घरेलू सामान, राशन, कपड़े और बच्चों की पढ़ाई का सामान भी मलबे में दबकर नष्ट हो गया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
घटना के बाद प्रशासनिक व्यवस्था और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते संबंधित विभागों के बीच समुचित समन्वय होता तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था।
फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ग्रामीण निष्पक्ष जांच और उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं।










