
नई दिल्ली। CG DASTAK
नई दिल्ली। दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति और पटाखों की खुलेआम बिक्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। मीडिया रिपोर्टों में प्रतिबंध के बावजूद बाजारों में अलग-अलग तरह के पटाखे बिकने की बात सामने आने के बाद अदालत ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से आदेशों के उल्लंघन की जांच करने को कहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट का संज्ञान लिया। रिपोर्ट में दिल्ली के कई बाजारों में प्रतिबंधों के बावजूद पटाखों की बिक्री जारी रहने की बात कही गई थी।
4 से 6 नवंबर तक ग्रीन पटाखों की सीमित अनुमति
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में 4 से 6 नवंबर तक केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति दी थी। इसके अलावा 7 और 8 नवंबर को सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक पटाखे फोड़ने की अनुमति दी गई थी।
यह अनुमति निर्धारित शर्तों के तहत दी गई थी। इसका मतलब यह नहीं था कि बाजारों में सभी तरह के पारंपरिक पटाखों की बिक्री की छूट मिल गई थी।
कई बाजारों में खुलेआम बिक्री का दावा
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, चांदनी चौक, सदर बाजार, शास्त्री नगर, सरोजिनी नगर और न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी सहित दिल्ली के कई बाजारों में पटाखे बिकते देखे गए।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि कुछ दुकानदार ग्रीन पटाखों के नाम पर पारंपरिक पटाखे बेच रहे थे। कई पैकेट पर QR कोड नहीं था या उनसे प्रमाणन की जानकारी नहीं मिल रही थी। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक जांच और पुष्टि का विवरण उपलब्ध नहीं है।
9 नवंबर से फिर पूरी तरह प्रतिबंध
मीडिया रिपोर्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर से पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध फिर लागू करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने पहले भी स्पष्ट किया था कि 24 घंटे पटाखे जलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती और प्रदूषण को देखते हुए समय तथा स्थान से जुड़े नियमों का पालन जरूरी है।
ग्रीन पटाखों की पहचान कैसे करें?
ग्रीन पटाखों को सामान्य पटाखों की तुलना में कम प्रदूषण फैलाने के उद्देश्य से तैयार किया जाता है। रिपोर्ट में दिए गए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, प्रमाणित ग्रीन पटाखों पर संबंधित प्रमाणन की पहचान और QR कोड होना चाहिए। खरीदारी करते समय उपभोक्ताओं को पैकेट पर मौजूद प्रमाणन की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए।
प्रदूषण को लेकर कोर्ट की चिंता
दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण हर साल बड़ी चुनौती बनता है। ऐसे में पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल पर लगाए गए प्रतिबंधों का पालन कराना जरूरी है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती का उद्देश्य प्रदूषण पर नियंत्रण और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।









