
बलरामपुर। CG DASTAK
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रघुनाथनगर थाना क्षेत्र के हरिगवां गांव में महिला सरपंच के सामाजिक बहिष्कार का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता मंशाराम साहू द्वारा महिला सरपंच को मंच पर माला पहनाकर सम्मानित किए जाने के बाद खेरवार समाज ने इसे परंपरा के विरुद्ध बताते हुए पूरे परिवार का एक वर्ष के लिए सामाजिक बहिष्कार कर दिया। मामले में पीड़ित परिवार ने भाजपा नेता के खिलाफ रघुनाथनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
मंच पर सम्मान के बाद बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, एक सार्वजनिक कार्यक्रम में महिला सरपंच को भाजपा नेता मंशाराम साहू ने मंच पर माला पहनाकर सम्मानित किया था। बताया जा रहा है कि इस पर पहले सरपंच के पति और समाज के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। इसके बाद बिना किसी औपचारिक बैठक के पूरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया।
समाज ने रखी बकरा-भात की शर्त
आरोप है कि समाज ने परिवार को दोबारा शामिल करने के लिए सामाजिक दंड के रूप में बकरा-भात कराने की शर्त रखी है। समाज का कहना है कि किसी पुरुष या नेता द्वारा महिला सरपंच को सार्वजनिक मंच पर माला पहनाना परंपरा के अनुरूप नहीं है और माला केवल हाथ में दी जानी चाहिए थी।
परिवार ने दर्ज कराई शिकायत
पीड़ित परिवार का कहना है कि सामाजिक बहिष्कार के कारण उन्हें सामाजिक और पारिवारिक आयोजनों से दूर रखा जाने लगा। इसके बाद उन्होंने भाजपा नेता मंशाराम साहू के खिलाफ रघुनाथनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
प्रशासन ने कहा- सामाजिक बहिष्कार अनुचित
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। वाड्रफनगर के एसडीएम नीर निधि नन्देहा ने बताया कि सरपंच की शिकायत प्राप्त हुई है। समाज के लोगों को समझाइश दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सिर्फ माला पहनाने जैसी घटना के आधार पर किसी का सामाजिक बहिष्कार करना उचित नहीं है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं।










