All Services Global मामले में सिर्फ स्पष्टीकरण क्यों? CG Dastak सचिव और MD के सामने रखेगा दो महीने का डेटा

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कोरिया की एक महीने की सैंपल वर्किंग में वेतन भुगतान और EPF-ESIC की रकम में अंतर; कोरबा, MCB और सूरजपुर के रिकॉर्ड की भी जांच की मांग, V.K. Rai, CA Vishal और अवधेश यादव से जुड़े पहलुओं पर उठे सवाल

रायपुर/कोरिया। CG Dastak।

All Services Global Pvt. Ltd. से जुड़े कर्मचारी, वेतन भुगतान और EPF-ESIC रिकॉर्ड के मामले में CG Dastak द्वारा प्रकाशित खबर के बाद कंपनी ने अपना लिखित स्पष्टीकरण जारी किया है। कंपनी ने खबर को गलत बताते हुए अपना पक्ष रखा है। लेकिन अब इस पूरे मामले में एक बड़ा सवाल सामने है—जब उपलब्ध दस्तावेजों में भुगतान संबंधी आंकड़ों के बीच अंतर दर्ज है और मामला एक से अधिक जिलों में काम करने वाली कंपनी से जुड़ा है, तो विभाग केवल स्पष्टीकरण मांगने तक सीमित क्यों है? निष्पक्ष जांच क्यों नहीं कराई जा रही?

 

CG Dastak के पास उपलब्ध दस्तावेजों में दिसंबर 2025 की कोरिया जिला कर्मचारी वेतन शीट, EPF-ESIC संबंधी वर्किंग और कंपनी का 6 अक्टूबर 2026 का स्पष्टीकरण पत्र शामिल है। इसके अलावा, मामले से संबंधित कर्मचारीवार रिकॉर्ड और भुगतान की जानकारी को लेकर पड़ताल की गई है।

इस मामले का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि कोरिया जिले की उपलब्ध वर्किंग केवल एक महीने का नमूना है। कंपनी का काम कोरिया के अलावा कोरबा, MCB यानी मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और सूरजपुर जिलों में भी बताया गया है। इन जिलों में कर्मचारियों की संख्या अधिक होने की जानकारी है।

ऐसे में केवल कोरिया की एक महीने की वर्किंग से पूरे मामले का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। लेकिन इस नमूने में दर्ज अंतरों और अन्य जिलों में कंपनी के कार्यक्षेत्र को देखते हुए संबंधित रिकॉर्ड का निष्पक्ष सत्यापन महत्वपूर्ण हो जाता है।

कोरिया जिले की सैंपल वर्किंग में ₹20,649 का अंतर

दिसंबर 2025 की कोरिया जिला कर्मचारी वेतन शीट में 20 कर्मचारियों की मुख्य प्रविष्टियां दर्ज हैं। इसमें उपस्थिति आधारित वेतन, विभाग से दावा की गई राशि और वास्तविक वेतन भुगतान वाली शीट की रकम दी गई है।

विवरण| राशि

उपस्थिति आधारित वेतन| ₹4,99,219.32

विभाग से दावा की गई राशि| ₹4,99,220.00

वास्तविक वेतन भुगतान शीट| ₹4,78,571.00

दावा और वास्तविक भुगतान शीट का अंतर| ₹20,649.00

इन आंकड़ों के अनुसार, विभाग से दावा की गई राशि और वास्तविक वेतन भुगतान शीट के बीच ₹20,649 का अंतर दर्ज है।

इस अंतर का कारण क्या है? क्या यह किसी समायोजन, भुगतान अवधि, वेतन गणना या रिकॉर्ड की त्रुटि से संबंधित है? उपलब्ध शीट अकेले इसका जवाब नहीं देती।

इसी शीट में आदर्श कुमार सिंह के नाम से एक अतिरिक्त प्रविष्टि भी दिखाई देती है। उपस्थिति आधारित वेतन और विभागीय दावा शून्य दर्ज होने के बावजूद वास्तविक वेतन भुगतान कॉलम में ₹15,479 दर्ज है। अंतर वाले कॉलम में भी ऋणात्मक ₹15,479 दिखाया गया है।

इस प्रविष्टि का आधार क्या है, इसकी पुष्टि संबंधित कर्मचारी के नियुक्ति रिकॉर्ड, उपस्थिति, वेतन पर्ची, भुगतान प्रमाण और विभागीय दावे के मिलान से होनी चाहिए।

यह स्पष्ट करना जरूरी है कि इन आंकड़ों से अपने आप में फर्जी कर्मचारी या वित्तीय अनियमितता साबित नहीं होती। लेकिन अंतर का दस्तावेजी स्पष्टीकरण मांगना और रिकॉर्ड का मिलान कराना जरूरी है।

EPF-ESIC की शीट में ₹1,904.46 का अंतर

उपलब्ध दूसरी शीट में 13 कर्मचारियों के EPF-ESIC संबंधी आंकड़े दर्ज हैं।

विवरण| राशि

विभागीय दावा| ₹21,437.46

वेतन शीट में EPF एवं ESIC कटौती| ₹19,533.00

दर्ज अंतर| ₹1,904.46

इस शीट में भी विभागीय दावा और वेतन शीट में दर्ज कटौती के बीच ₹1,904.46 का अंतर दिखाई देता है।

अब सवाल यह है कि यह अंतर किस कारण से आया? क्या विभागीय दावा और वेतन शीट में रकम की गणना अलग-अलग आधार पर हुई? क्या किसी कर्मचारी के वेतन, पात्रता या समायोजन का प्रभाव है? या किसी रिकॉर्ड में त्रुटि है?

इन प्रश्नों का जवाब कर्मचारीवार गणना, संबंधित EPF सदस्य खातों, लागू होने पर ESIC रिकॉर्ड और वास्तविक जमा प्रमाणों के मिलान से मिल सकता है।

केवल अंतर दर्ज होने से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि किसी कर्मचारी की राशि जमा नहीं हुई। लेकिन संबंधित रिकॉर्ड का सत्यापन किए बिना सवालों का अंतिम जवाब भी नहीं मिल सकता।

23 कर्मचारियों से जुड़े सवाल और दो महीने के डेटा का महत्व

इस मामले में प्रकाशित पड़ताल में 23 कर्मचारियों के नामों का उल्लेख किया गया था। उपलब्ध दिसंबर 2025 की कोरिया जिला वर्किंग में 20 कर्मचारियों की मुख्य प्रविष्टियां हैं। इसलिए दोनों सूचियों का मिलान अलग से किया जाना जरूरी है।

अब इस मामले को केवल एक महीने की वर्किंग तक सीमित रखने के बजाय दो महीने के कर्मचारीवार डेटा के आधार पर देखा जाना चाहिए। CG Dastak संबंधित रिकॉर्ड को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत कर सचिव और MD के समक्ष रखने की तैयारी कर रहा है।

दो महीने के डेटा में यदि उपलब्ध हों, तो कर्मचारीवार नियुक्ति, उपस्थिति, वेतन गणना, विभाग में प्रस्तुत दावा, वास्तविक भुगतान, बैंक UTR तथा EPF-ESIC जमा संबंधी प्रमाणों का मिलान किया जाना महत्वपूर्ण होगा।

इससे यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि अलग-अलग दस्तावेजों में दर्ज रकमों का अंतर किस कारण से है और क्या किसी रिकॉर्ड पर आगे जांच की जरूरत है।

दो महीने का डेटा सामने रखने का उद्देश्य किसी व्यक्ति को पहले से दोषी घोषित करना नहीं, बल्कि संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले का रिकॉर्ड-आधारित सत्यापन कराने की मांग करना है।

कोरिया के साथ कोरबा, MCB और सूरजपुर के रिकॉर्ड भी क्यों महत्वपूर्ण?

All Services Global Pvt. Ltd. का काम केवल कोरिया जिले तक सीमित नहीं बताया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कंपनी कोरबा, कोरिया, MCB और सूरजपुर जिलों में भी कार्यरत है।

कोरिया की उपलब्ध वर्किंग केवल एक महीने की सैंपल वर्किंग है, जिसमें सबसे कम कर्मचारियों की मुख्य प्रविष्टियां होने की जानकारी दी गई है। अन्य जिलों में कर्मचारियों की संख्या अधिक बताई गई है।

इसलिए कोरिया के नमूने के आधार पर बाकी जिलों के संबंध में कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। लेकिन यदि विभाग मामले की पूरी स्थिति जानना चाहता है, तो उसे संबंधित अवधि के अन्य जिलों के रिकॉर्ड का भी नियमानुसार सत्यापन करना चाहिए।

क्या इन सभी जिलों की कर्मचारी सूची, उपस्थिति, वेतन भुगतान, विभागीय दावे और EPF-ESIC जमा रिकॉर्ड का कर्मचारीवार मिलान हुआ है? क्या दो महीने की अवधि के लिए ऐसा कोई समेकित सत्यापन उपलब्ध है?

इन सवालों का जवाब संबंधित विभाग के मूल रिकॉर्ड और जांच रिपोर्ट से ही मिल सकता है।

V.K. Rai, CA Vishal और अवधेश यादव से जुड़े पहलुओं का सत्यापन भी जरूरी

CG Dastak की पड़ताल में V.K. Rai, CA Vishal और अवधेश यादव से संबंधित पहलू भी सामने रखे गए हैं। इन व्यक्तियों के नामों और उनकी भूमिका से जुड़े सवालों को किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित दस्तावेजों के आधार पर स्पष्ट करना जरूरी है।

उपलब्ध जानकारी में V.K. Rai और CA Vishal के वर्तमान कार्यस्थल तथा Spectrum Talent से जुड़े संदर्भ का उल्लेख है। इस संबंध में उनकी वर्तमान भूमिका, संबंधित संस्थाओं से संबंध और इस मामले से किसी भी संभावित जुड़ाव की पुष्टि आधिकारिक रिकॉर्ड से की जानी चाहिए।

इसी तरह, अवधेश यादव से संबंधित भूमिका या संबंध को भी बिना दस्तावेजी पुष्टि के किसी कथित अनियमितता से जोड़ना उचित नहीं होगा।

यदि इन व्यक्तियों की भूमिका मामले से संबंधित है, तो विभाग को निष्पक्ष तरीके से उनके पद, जिम्मेदारी, संबंधित रिकॉर्ड और उपलब्ध दस्तावेजों का सत्यापन करना चाहिए। केवल नाम सामने आने के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

CG Dastak का सवाल व्यक्तियों के विरुद्ध पूर्वनिर्धारित आरोप लगाना नहीं, बल्कि यह है कि संबंधित रिकॉर्ड और जिम्मेदारियों की जांच निष्पक्ष रूप से की जाए।

कंपनी का स्पष्टीकरण आया, लेकिन क्या सभी सवालों का जवाब मिला?

All Services Global Pvt. Ltd. के लेटरहेड पर जारी 6 अक्टूबर 2026 के पत्र में कंपनी ने CG Dastak की खबर के संबंध में अपना पक्ष रखा है।

पत्र में कंपनी की ओर से कहा गया है कि CSMCL मुख्यालय रायपुर में जमा भुगतान प्रमाणपत्र में मदिरा दुकानों पर कार्यरत कर्मचारियों का भुगतान दर्शाया गया था। कंपनी ने संबंधित वेतन शीट में दर्ज नामों को अपने कर्मचारियों का बताया है और भुगतान कंपनी की ओर से किए जाने की बात कही है।

पत्र में सूरजपुर जिले के बिलासपुर स्थित विदेशी मदिरा दुकान से संबंधित कर्मचारियों और भुगतान प्रमाणपत्र का भी उल्लेख है। कंपनी का कहना है कि संबंधित रिकॉर्ड की जांच की गई और CSMCL को आवश्यक सहयोग दिया गया।

कंपनी का पक्ष प्रकाशित करना जरूरी है। लेकिन इस मामले में अगला सवाल यह है कि क्या उपलब्ध वेतन शीट में दर्ज ₹20,649 के अंतर और EPF-ESIC शीट में दर्ज ₹1,904.46 के अंतर का भी कर्मचारीवार दस्तावेजी स्पष्टीकरण दिया गया है?

क्या कोरिया के अलावा कोरबा, MCB और सूरजपुर के रिकॉर्ड का भी सत्यापन किया गया है? क्या दो महीने की अवधि के भुगतान और कर्मचारीवार विवरण का मिलान पूरा हो चुका है?

कंपनी के स्पष्टीकरण और मूल रिकॉर्ड के स्वतंत्र सत्यापन को अलग-अलग देखा जाना चाहिए। मामले की वास्तविक स्थिति दस्तावेजों के मिलान के बाद ही स्पष्ट होगी।

विभाग से सवाल: केवल स्पष्टीकरण मांगना पर्याप्त है या जांच भी होनी चाहिए?

जब किसी मामले में विभागीय दावा, वास्तविक भुगतान और EPF-ESIC संबंधी आंकड़ों के बीच अंतर दर्ज हो, तो सबसे महत्वपूर्ण कदम उन अंतरों का कारण जानना है।

इसलिए संबंधित विभाग से पूछा जाना चाहिए कि क्या कंपनी से स्पष्टीकरण मांगने के बाद मूल भुगतान रिकॉर्ड का कर्मचारीवार मिलान किया गया है? क्या अन्य जिलों के रिकॉर्ड की जांच की गई है? क्या दो महीने की अवधि का पूरा विवरण उपलब्ध है? और यदि जांच हुई है, तो उसका निष्कर्ष क्या है?

स्पष्टीकरण मांगना प्रक्रिया का एक हिस्सा हो सकता है, लेकिन यदि आंकड़ों के बीच दर्ज अंतर का कारण अब भी स्पष्ट नहीं है, तो संबंधित रिकॉर्ड का सत्यापन और जरूरत के अनुसार निष्पक्ष जांच अगला महत्वपूर्ण कदम है।

CG Dastak की मांग है कि मामले को केवल कंपनी के जवाब तक सीमित न रखा जाए। उपलब्ध रिकॉर्ड का निष्पक्ष मिलान किया जाए, सभी संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाए और जांच के निष्कर्ष दस्तावेजों के आधार पर तय किए जाएं।

सचिव और MD के सामने रखा जाएगा दो महीने का डेटा

CG Dastak इस मामले से जुड़े दो महीने के डेटा को व्यवस्थित करके संबंधित विभाग के सचिव और MD के समक्ष रखने की तैयारी कर रहा है। उद्देश्य यह है कि मामले के सभी संबंधित दस्तावेजों का एक साथ परीक्षण हो और भुगतान, कर्मचारी सूची तथा EPF-ESIC संबंधी सवालों की स्थिति स्पष्ट हो।

प्रस्तावित रिकॉर्ड में संबंधित कर्मचारीवार विवरण, विभागीय दावा, वास्तविक भुगतान और उपलब्ध जमा प्रमाणों का मिलान महत्वपूर्ण रहेगा। कोरिया की सैंपल वर्किंग को पूरे मामले का अंतिम हिसाब मानने के बजाय बाकी जिलों के रिकॉर्ड का भी अलग-अलग परीक्षण किए जाने की मांग की जाएगी।

इस प्रक्रिया से संबंधित अधिकारियों को यह देखने का अवसर मिलेगा कि उपलब्ध दस्तावेजों में दर्ज अंतर का क्या कारण है और क्या किसी बिंदु पर आगे जांच की जरूरत है।

यह किसी व्यक्ति या कंपनी को पहले से दोषी घोषित करने का मामला नहीं, बल्कि उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर स्पष्ट जवाब और निष्पक्ष सत्यापन की मांग है।

CG Dastak का स्पष्ट पक्ष

CG Dastak का उद्देश्य किसी कंपनी या व्यक्ति को बिना जांच दोषी ठहराना नहीं है। हमारा उद्देश्य उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर सार्वजनिक महत्व के सवाल उठाना, संबंधित पक्ष का जवाब प्रकाशित करना और रिकॉर्ड के निष्पक्ष सत्यापन की मांग करना है।

All Services Global Pvt. Ltd. ने अपना लिखित स्पष्टीकरण दिया है। वहीं, कोरिया जिले की उपलब्ध दिसंबर 2025 की वर्किंग में वेतन भुगतान और EPF-ESIC संबंधी रकमों के बीच अंतर दर्ज है। यह वर्किंग केवल एक महीने और एक जिले का नमूना है, इसलिए पूरे मामले का निष्कर्ष निकालने के लिए संबंधित जिलों के रिकॉर्ड का भी मिलान आवश्यक है।

अब मुख्य सवाल यह है कि क्या विभाग केवल स्पष्टीकरण लेकर मामला समाप्त करेगा, या दो महीने के डेटा और संबंधित जिलों के रिकॉर्ड का निष्पक्ष सत्यापन कर वास्तविक स्थिति सामने लाएगा?

CG Dastak संबंधित अधिकारियों और कंपनी के जवाब तथा सत्यापित दस्तावेजों के आधार पर इस मामले में आगे भी तथ्यपरक रिपोर्टिंग करेगा।

पढ़ते रहिए CG Dastak — www.cgdastak.com

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