
रायपुर/पाटन। छत्तीसगढ़ सरकार ने विभिन्न निगमों, मंडलों और आयोगों में नई नियुक्तियों की घोषणा करते हुए सामाजिक प्रतिनिधित्व को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी क्रम में पाटन क्षेत्र के नेतराम निषाद को छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड का सदस्य नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति के बाद पाटन क्षेत्र और निषाद समाज में खुशी का माहौल है।
मछुआ समाज को मिला प्रतिनिधित्व
राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार मछुआ कल्याण बोर्ड में आनंद निषाद को अध्यक्ष और नेतराम निषाद को सदस्य बनाया गया है। माना जा रहा है कि इससे मछुआ समुदाय से जुड़े मुद्दों को सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जा सकेगा और समाज के विकास को नई गति मिलेगी।

पाटन में समर्थकों ने जताई खुशी
नियुक्ति की खबर सामने आते ही पाटन ब्लॉक में समर्थकों और सामाजिक संगठनों ने खुशी व्यक्त की। लोगों का कहना है कि नेतराम निषाद लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं और उनके अनुभव का लाभ अब मछुआ समुदाय को मिलेगा।
कई बोर्डों और आयोगों में हुई नियुक्तियां
राज्य सरकार ने इस नियुक्ति सूची में राज्य महिला आयोग, केश शिल्पी कल्याण बोर्ड, अनुसूचित जाति आयोग, संस्कृत विद्या मंडल, शाकंभरी बोर्ड, राज्य शिक्षा आयोग, श्रम कल्याण मंडल, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग और अन्य संस्थाओं में भी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति की है। सरकार का उद्देश्य विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व देकर संस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाना बताया जा रहा है।
क्या है मछुआ कल्याण बोर्ड?
छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड का गठन मत्स्य पालन से जुड़े लोगों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास, कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए किया गया है। बोर्ड सरकार को नीतिगत सुझाव भी देता है, जिससे मछुआ समुदाय को योजनाओं का बेहतर लाभ मिल सके।
सरकार ने जताई समावेशी विकास की मंशा
सरकार का कहना है कि विभिन्न बोर्डों और आयोगों में नई नियुक्तियों के माध्यम से सामाजिक भागीदारी को मजबूत किया जा रहा है। इससे प्रशासनिक व्यवस्था में विविध वर्गों का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा और जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी।










