GPM News: गंभीर लापरवाही पर डी.डी. अस्पताल का ऑपरेशन थिएटर और ICU सील, लाइसेंस भी अस्थायी रूप से निरस्त

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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। CG DASTAK 

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में गंभीर चिकित्सीय लापरवाही के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं पर्यवेक्षी प्राधिकारी डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने नर्सिंग होम एक्ट के तहत डी.डी. अस्पताल, सेमरा (गौरेला) के ऑपरेशन थिएटर (OT) और आईसीयू वार्ड को तत्काल प्रभाव से सील करने तथा अस्पताल का पंजीयन (लाइसेंस) अस्थायी एवं सशर्त रूप से निरस्त करने के आदेश जारी किए हैं।

प्रसूता की मौत के बाद हुई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार, 22 जून 2026 को गंभीर हालत में जिला अस्पताल से सिम्स बिलासपुर रेफर की गई प्रसूता ज्योति सोनवानी को बीच रास्ते से वापस लाकर डी.डी. अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां उपचार के दौरान कथित लापरवाही के बाद महिला को फिर सिम्स बिलासपुर भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया।

जांच में मिली कई गंभीर अनियमितताएं

निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई गंभीर खामियां सामने आईं। जांच में पाया गया कि गंभीर मरीज भर्ती होने के बावजूद अस्पताल में चिकित्सकों और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता नहीं थी। साथ ही गंभीर मरीजों के उपचार के लिए आवश्यक संसाधनों का भी अभाव पाया गया।

जांच के दौरान यह शिकायत भी मिली कि आयुष्मान भारत योजना के हितग्राहियों से अतिरिक्त राशि वसूली जा रही थी।

विशेषज्ञ डॉक्टरों के बिना हो रहा था गंभीर मरीजों का इलाज

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा सिविल सर्जन द्वारा दोबारा किए गए निरीक्षण में पाया गया कि एक्लेम्प्सिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज का उपचार आवश्यक विशेषज्ञों और पर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं के बिना किया जा रहा था।

जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट, पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल के लिए चिकित्सक और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध नहीं होने के बावजूद गंभीर मरीजों का इलाज किया जा रहा था।

कारण बताओ नोटिस के जवाब से प्रशासन असंतुष्ट

अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन जांच में अस्पताल द्वारा प्रस्तुत कई तथ्य सही नहीं पाए गए। साथ ही नर्सिंग होम एक्ट एवं छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम, 2020 के प्रावधानों के उल्लंघन की पुष्टि हुई।

जांच के दौरान एक अन्य गंभीर प्रसूता के उपचार में भी लापरवाही के तथ्य सामने आए।

कलेक्टर ने जारी किए सख्त आदेश

सभी जांच प्रतिवेदनों और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने डी.डी. अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू वार्ड को तत्काल प्रभाव से सील करने तथा अस्पताल का पंजीयन अस्थायी एवं सशर्त रूप से निरस्त करने के आदेश जारी किए हैं। आदेश की प्रतिलिपि स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है।

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