
राजनांदगांव। CG DASTAK
छत्तीसगढ़ की राजनांदगांव पुलिस ने एक शातिर साइबर ठग को गिरफ्तार किया है, जो पहले इंस्टाग्राम पर महिलाओं के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर युवकों से दोस्ती करता था, फिर लड़की की आवाज में बातचीत कर भरोसा जीतता था। इसके बाद पैसों की मांग करता था और पैसे नहीं मिलने पर धमकी, गाली-गलौज और ब्लैकमेलिंग करता था।

कैसे हुआ पूरे मामले का खुलासा
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब थाना लालबाग क्षेत्र की एक युवती को कॉल कर उसके पिता के सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने की झूठी सूचना दी गई। युवती ने जब जानकारी को गलत बताया, तो कॉल करने वाले ने अभद्र भाषा का प्रयोग शुरू कर दिया। बाद में युवती के पिता ने संपर्क किया तो उन्हें भी गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी दी गई।
शिकायत मिलने के बाद लालबाग पुलिस और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए आरोपी की पहचान की। जांच में आरोपी की लोकेशन खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के ठेलकाडीह थाना क्षेत्र के ग्राम विष्णुपुर में मिली। पुलिस ने घेराबंदी कर दीपक कुमार बघेल (22 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ और तकनीकी जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लंबे समय से सोशल मीडिया पर फर्जी महिला प्रोफाइल संचालित कर रहा था। वह युवकों को प्रेमजाल और दोस्ती के नाम पर फंसाकर पैसों की मांग करता था। विरोध करने वालों को अश्लील संदेश, धमकी और ब्लैकमेलिंग का शिकार बनाया जाता था।पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
सोशल मीडिया पर बढ़ते साइबर अपराधों के बीच यह मामला एक बार फिर चेतावनी देता है कि ऑनलाइन पहचान हमेशा वास्तविक नहीं होती। एक फर्जी प्रोफाइल के पीछे कौन है, इसका अंदाजा लगाना आसान नहीं होता। ऐसे में किसी भी अज्ञात व्यक्ति से निजी जानकारी साझा करने या आर्थिक लेनदेन करने से पहले पूरी सतर्कता बरतना जरूरी है।









