
थाना अंतर्गत ग्राम कुटेला के शासकीय उचित मूल्य की दुकान में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के मामले में खाद्य । निरीक्षक अविनाश दुबे की लिखित शिकायत पर माँ संतोषी महिला स्व-सहायता समूह, लुकापारा की अध्यक्ष सेत कुमारी चौहान एवं सचिव माधुरी चौहान के खिलाफ थाना सरायपाली में आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7, भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5) एवं 316 (5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। यह कार्यवाही अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सरायपाली के आदेश क्रमांक 2771/अ.वि.अ./खाद्य/2026 दिनांक 11 फरवरी 2026 के आधार पर की गई है। खाद्य निरीक्षक से मिली जानकारी के अनुसार संचालनालय खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, नवा रायपुर से प्राप्त पत्र क्रमांक 1415/खाद्य-संचा/पीव्ही 2025/2025 दिनांक 05 मार्च 2025 के आधार पर ग्राम कुटेला स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान (दुकान आईडी क्रमांक 582004029) का भौतिक सत्यापन किया गया। उक्तदुकान का संचालन सितंबर 2023 से संबंधित महिला समूह द्वारा किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि दिनांक 20 अप्रैल 2025 को गवाहों की उपस्थिति में किए गए निरीक्षण में 31 मार्च 2025 की स्थिति अनुसार ई-पॉस मशीन में दर्ज स्टॉक की तुलना में वास्तविक स्टॉक में भारी कमी पाई गई। जांच में चावल 130.52 क्विंटल (5,43,323 रूपये), शक्कर 3.51 क्विंटल (13,757 रू) एवं नमक 3.41 क्विंटल (4,137 रू), कुल राशि 5,61,217 की कमी सामने आई। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि दुकान में स्टॉक पंजी, निगरानी पंजी, डीओ पंजी, केशबुक पंजी तथा राशन कार्ड पंजी – उपलब्ध नहीं थे। दुकान के खुलने और बंद होने का समय – भी निर्धारित प्रारूप में प्रदर्शित नहीं किया गया था। वहीं जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि संचालकों द्वारा हितग्राहियों – को समय पर और नियमित राशन वितरण नहीं किया जा रहा था। राशन कार्डधारियों को खाद्यान्न न देकर उसे बाहरी व्यक्तियों को बेचकर अनुचित आर्थिक लाभ अर्जित किया जा रहा था, जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली प्रभावित हुई थी। इसी कड़ी में ग्रामीणों की शिकायत पर 23 जनवरी 2026 को पुनः भौतिक सत्यापन किया गया, जिसमें स्थिति – और अधिक गंभीर पाई गई। इस दौरान चावल 186.92 क्विंटल, शक्कर 1.26 क्विंटल एवं नमक 1.84 क्विंटल ऑनलाइन दर्ज स्टॉक से कम पाया गया। साथ ही दुकान – संचालन संस्था द्वारा जनवरी 2026 माह का 19,065.66 रू का आबंटन भी जमा नहीं किया गया था। इस संबंध में कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सरायपाली द्वारा 20 जून 2025 को संबंधित अध्यक्ष, सचिव एवं समूह के सदस्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। जवाब नहीं मिलने पर स्मरण पत्र भी जारी किया गया, किंतु आज तक उसके जवाब में किसी प्रकार का उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद 5,61,217 रू की वसूली का आदेश भी जारी किया गया, जिसे अब तक जमा नहीं किया – गया है। खाद्य निरीक्षक के द्वारा 26 जनवरी 2026 को – विस्तृत जांच प्रतिवेदन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को प्रस्तुत किया गया। इसके आधार पर एफआईआर दर्ज – कराने के निर्देश दिए गए थे। अब थाना सरायपाली में – विधिवत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और पुलिस द्वारा – मामले की विवेचना की जा रही है। खाद्य विभाग के अनुसार, उक्त कृत्य से शासन को आर्थिक हानि पहुंची है तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में भी गंभीर व्यवधान उत्पन्न हुआ है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।










