
सरायपाली, 8 मार्च 2026 । रसोई गैस और कमर्शियल गैस की कीमतों में हाल ही में की गई बढ़ोतरी को लेकर सरायपाली विधायक श्रीमती चातुरी नंद ने केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि रसोई गैस के दामों में 60 रुपये तथा कमर्शियल गैस में 115 रुपये की वृद्धि सीधे तौर पर आम जनता, मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाला निर्णय है।
विधायक चातुरी नंद ने कहा कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता के लिए यह बढ़ोतरी किसी अन्याय से कम नहीं है। केंद्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण महंगाई लगातार बेलगाम होती जा रही है और आम लोगों का घर का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछले कई वर्षों से क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी गिरावट रही है, बावजूद इसके पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में राहत नहीं दी गई। 2014 की तुलना में लंबे समय तक सस्ते दामों पर क्रूड ऑयल खरीदने के बावजूद केंद्र सरकार जनता से पेट्रोल-डीजल के लिए लगभग डेढ़ गुना कीमत वसूल रही है और रसोई गैस के दाम भी कई गुना बढ़ा दिए गए हैं।
विधायक चातुरी नंद ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और युद्ध जैसे कारणों का बहाना बनाकर कीमतों में वृद्धि कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि जनता को राहत देने की बजाय उससे अधिक से अधिक वसूली की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार की नीतियों के कारण रुपये का लगातार अवमूल्यन हो रहा है और खाद्य मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में सरकार पूरी तरह असफल साबित हुई है। आज दाल, लहसुन, आलू, प्याज और टमाटर जैसे दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे आम परिवारों का मासिक बजट पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
विधायक चातुरी नंद ने कहा कि एक ओर बढ़ती बेरोजगारी और घटती आय से लोग परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर आवश्यक वस्तुओं और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों ने आम जनता की परेशानियों को और बढ़ा दिया है।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में तत्काल कमी कर आम जनता को राहत दी जाए।










