UPSC 2025 Result: छत्तीसगढ़ के 4 युवाओं ने रचा इतिहास, दर्शना सिंह बनीं IPS, डायमंड सिंह ध्रुव DSP रहते हुए पास

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रायपुर। CG DASTAK 

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) 2025 परीक्षा का परिणाम घोषित हो गया है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में छत्तीसगढ़ के चार अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। इनमें रायपुर के रौनक अग्रवाल, संजय डहरिया, एमसीबी जिले की दर्शना सिंह और धमतरी के डायमंड सिंह ध्रुव शामिल हैं

रायपुर के रौनक और संजय को कलेक्टर ने दी बधाई

रायपुर के मोवा निवासी रौनक अग्रवाल ने UPSC में 772वीं रैंक हासिल की है। रौनक मूल रूप से रायगढ़ के रहने वाले हैं और रायपुर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे।

वहीं संजय डहरिया ने 946वीं रैंक प्राप्त की है। खास बात यह रही कि इंटरव्यू से पहले दोनों अभ्यर्थी जिला प्रशासन द्वारा आयोजित मॉक इंटरव्यू में शामिल हुए थे। उस दौरान रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने दोनों का इंटरव्यू लेकर उन्हें महत्वपूर्ण टिप्स दिए थे।

परिणाम घोषित होने के बाद कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह स्वयं उनके घर पहुंचे और दोनों सफल अभ्यर्थियों को बधाई दी।

धमतरी के डायमंड सिंह ध्रुव ने हासिल की 623वीं रैंक

धमतरी जिले के परसवानी गांव निवासी डायमंड सिंह ध्रुव ने UPSC में 623वीं रैंक हासिल की है। खास बात यह है कि डायमंड सिंह ध्रुव वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस सेवा के 2024 बैच के डीएसपी हैं।

पुलिस सेवा जॉइन करने के बाद भी वे लगातार UPSC की तैयारी करते रहे। दोस्तों से परिणाम की जानकारी मिलने पर वे भी कुछ समय के लिए आश्चर्यचकित रह गए।

डायमंड सिंह ध्रुव ने कहा, “अगर धैर्य रखा जाए तो जीवन में हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।”

जेएनयू से की पढ़ाई, बिना कोचिंग की तैयारी

डायमंड बचपन से ही मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा शिशु मंदिर मगरलोड से और हाईस्कूल की पढ़ाई रेडियंट पब्लिक स्कूल, माना रायपुर से की।

सिर्फ 25 वर्ष की उम्र में उन्होंने CGPSC में पहले ही प्रयास में 13वीं रैंक हासिल कर डीएसपी पद प्राप्त किया था। उन्होंने दिल्ली के जेएनयू (जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय) से पढ़ाई की और बिना किसी कोचिंग संस्थान को जॉइन किए UPSC की तैयारी जारी रखी।

भाजपा पार्षद की बेटी दर्शना सिंह बनीं IPS

एमसीबी जिले की दर्शना सिंह ने UPSC में 283वीं रैंक हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के लिए चयनित होकर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है।

दर्शना के पिता अरुण सिंह राशन दुकान संचालक और किसान हैं, जबकि उनकी माता सीमा सिंह जनकपुर नगर पंचायत की भाजपा पार्षद हैं।

दर्शना ने अपनी स्कूली पढ़ाई गांव से ही पूरी की और बाद में जेईई परीक्षा पास कर IIT कानपुर में दाखिला लिया। वहां से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की।

पांचवीं कक्षा से देखा था अफसर बनने का सपना

दर्शना सिंह ने बताया कि पांचवीं कक्षा से ही उन्होंने प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना देखा था। बीटेक के बाद वे UPSC की तैयारी के लिए दिल्ली चली गईं और एक साल कोचिंग करने के बाद लगातार पढ़ाई जारी रखी।

मुख्य परीक्षा में उन्होंने समाजशास्त्र (Sociology) को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना। उनका कहना है कि UPSC में वही विषय चुनना चाहिए जिसमें आपकी रुचि हो और जिसे आप लंबे समय तक बिना थके पढ़ सकें।

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