
रायपुर। राजधानी रायपुर एक बार फिर चाकूबाजी की वारदात से दहल उठी है। पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के पहाड़ी तालाब परिसर में रविवार रात कुछ युवकों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें चाकू से हमला किया गया। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।

🔪 बीयर पीने को लेकर शुरू हुआ विवाद, चाकूबाजी तक पहुंचा मामला
जानकारी के मुताबिक यह घटना रविवार रात करीब 8 से 9 बजे के बीच की है। सूत्रों के अनुसार, तालाब परिसर में एक युवक द्वारा बीयर पीने को लेकर विवाद शुरू हुआ। वहां मौजूद अन्य युवकों ने उसे मना किया, जिस पर कहासुनी हुई और बात गाली-गलौच व मारपीट तक पहुंच गई।

विवाद बढ़ने पर एक युवक ने अपने पास रखे धारदार चाकू से हमला कर दिया।
🩸 तालाब परिसर में खून के निशान, CCTV फुटेज आया सामने
घटना के बाद तालाब परिसर और सड़क पर खून के निशान फैल गए। इस वारदात से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें—
कुछ युवक सड़क पर गिरते हुए भागते नजर आ रहे हैं,
एक युवक हाथ में बेल्ट लेकर दौड़ता दिखाई दे रहा है। फुटेज ने इलाके में दहशत को और बढ़ा दिया है।
🚑 तीन युवक गंभीर रूप से घायल
इस हमले में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
किसी के सीने में,
किसी के पेट में गंभीर चोट आई है,
जबकि एक युवक के बाएं हाथ में गहरी चोट बताई जा रही है।घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
🧩 दो गुट नहीं, रोजाना बैठने वाले युवकों का आपसी विवाद
सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि यह घटना किसी दो संगठित गुटों के बीच नहीं, बल्कि तालाब परिसर में रोजाना बैठने वाले युवकों के आपसी विवाद का नतीजा है।
⚠️ पार्षद सरिता दुबे ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
घटना को लेकर वार्ड पार्षद सरिता दुबे ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा—
“रविवार रात 8 बजे तालाब के उस हिस्से में, जहां बिजली बंद रहती है, नशेड़ी युवकों में विवाद के बाद जमकर मारपीट और चाकूबाजी हुई। इसकी सूचना तत्काल डायल 112 को दी गई, लेकिन आधे घंटे तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि—
- दोबारा डीडीनगर थाना और पुरानी बस्ती थाना से संपर्क किया गया,
- कई कॉल के बाद पुलिस वाहन मौके पर पहुंचा,
- पुलिस के सामने ही युवक गाली-गलौज करते हुए, तलवार और लाठियां लहराते भागते रहे।
🩴 खून, जूते-चप्पल बिखरे, लेकिन कार्रवाई पर सवाल
पार्षद ने बताया कि तालाब किनारे बने पाथवे और सीढ़ियों पर खून के धब्बे, बिखरे हुए जूते-चप्पल साफ देखे जा सकते हैं, जो घटना की गंभीरता को दर्शाते हैं।
👮♂️ पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
घटना के बाद से इलाके में यह सवाल उठ रहा है कि—
समय पर पुलिस पहुंचती तो क्या स्थिति इतनी गंभीर होती?
नशेड़ियों पर पहले से निगरानी क्यों नहीं रखी गई? फिलहाल पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार है।










