
खैरागढ़। शहर में मानसिक रूप से अस्वस्थ एक युवक की बंद कार में दम घुटने से मौत हो गई। रविवार को यह युवक वार्ड नंबर 19 में खड़ी एक ग्रैंड विटारा कार में घुस गया था, जो राजनांदगांव से आई थी और गलती से अनलॉक रह गई थी। देर रात जब कार मालिक ने वाहन खोला, तो युवक मृत अवस्था में मिला।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, मृतक युवक लंबे समय से खैरागढ़ की सड़कों पर घूमता दिखाई देता था। वह किसी से बात नहीं करता था और मानसिक रूप से असंतुलित था। पूर्व में वह कई बार घरों और मंदिरों में भी घुस चुका था। घटना की सूचना पर थाना प्रभारी अनिल शर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को अस्पताल भेजा गया, जहां आज पोस्टमार्टम किया जाएगा।
थाना प्रभारी ने बताया कि इस युवक के इलाज के लिए पुलिस ने पहले भी कई प्रयास किए थे। उसे खैरागढ़ से बिलासपुर तक ले जाया गया था, लेकिन तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से भर्ती संभव नहीं हो पाई। इसके बावजूद पुलिस लगातार मानवीय संवेदना के साथ उसकी मदद करती रही।
मिली जानकारी के अनुसार, युवक के परिवार में अब केवल उसकी बुजुर्ग दादी हैं। हाल ही में उसके दादा का निधन हो चुका है। दादी भी उम्रदराज और कमजोर हैं। यह घटना एक बार फिर इस सवाल को जन्म देती है कि छोटे शहरों में मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों के लिए स्थायी और प्रभावी व्यवस्था क्यों नहीं है। समय रहते उचित इलाज और देखभाल मिल पाती, तो शायद यह दर्दनाक हादसा टल सकता था।










