सरायपाली – छग सरकार की हॉफ बिजली बिल योजना में संशोधन, अब 100 यूनिट तक ही मिलेगी छूट

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सरायपाली. छत्तीसगढ़ सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी हॉफ बिजली बिल योजना में संशोधन कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत अब 100 यूनिट तक की मासिक बिजली खपत पर 50 प्रतिशत छूट दी जाएगी। पहले यह सुविधा 400 यूनिट तक की खपत पर उपलब्ध थी। यह बदलाव कमजोर और जरूर जरूरतमंद वर्ग को ध्यान में रखकर किया गया है, ताकि उन्हें बिजली बिल में अधिकतम राहत मिल सके। इस संशोधन से छोटे उपभोक्ताओं को आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिलेगी।

सरायपाली संभाग के कार्यपालन अभियंता टेकेंद्र पटेल ने बताया कि संभाग अंतर्गत सभी वितरण केंद्रों के लगभग 61,654 उपभोक्ता इस योजना से लाभान्वित होंगे। इनमें 22,148 बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवार शामिल हैं, जो 30 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा का लाभउठाते रहेंगे। इसके अतिरिक्त ये परिवार हॉफ बिजली बिल योजना के अन्य लाभों से भी वंचित नहीं होंगे। यह सुनिश्चित करता है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को बिजली की लागत में राहत मिले और उनकी मूलभूत आवश्यकताएं पूरी हों। इसके साथ ही छग सरकार, केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को तेजी से लागू कर रही है। इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए आकर्षक सब्सिडी प्रदान की जा रही है। 2 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट से प्रतिमाह औसतन 240 यूनिट बिजली का उत्पादन हो सकता हैं। इस पर केंद्र सरकार 60000 रुपए और राज्य सरकार 30000 रुपए कुल 90000 रुपए की सब्सिडी देती है। वहीं 3 किलोवॉट क्षमता के प्लांट से प्रतिमाह 360 यूनिट बिजली उत्पादन संभव है। जिसके लिए केंद्र से 78000 रुपए और राज्य से 30000 रुपए कुल 108000 रुपए की सब्सिडी मिलती है। उपभोक्ता शेष राशि के लिए राष्ट्रीयकृत बैंकों से 6.3 से 6.5 प्रतिशत की कम व्याज दर पर ऋण ले सकते हैं। इसके लिए बिजली बिल, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वेंडर कोटेशन और फीजिबिलिटी रिपोर्ट जैसे न्यूनतम दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। सरायपाली विद्युत संभाग में 106 परिवार पहले ही सोलर पैनल लगाकर मुफ्त बिजली का लाभ उठा रहे हैं। बाजार में 3 किलोवॉट सोलर सिस्टम की कीमत 1.8 से 2.10 लाख रुपए है। इसमें से सब्सिडी घटाने के बाद उपभोक्ता को शेष राशि चुकानी होती है। कई कंपनियां सोलर प्लांट का बीमा भी प्रदान करती हैं, जो उपभोक्ताओं के लिए अतिरिक्त सुरक्षा सुनिश्चित करता है। 2 किलोवॉट या अधिक क्षमता के सोलर प्लांट 25 साल तक प्रतिमाह 240 यूनिट से अधिक बिजली उत्पादन कर सकते हैं, जो पहले की हॉफ बिजली बिल योजना की 400 यूनिट पर 200 यूनिट की छूट से कहीं अधिक है। उपभोक्ता न केवल बिजली बिल से मुक्ति पा सकते हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचकर आय भी कमा सकते हैं। यह योजना सस्ती बिजली, दीर्घकालिक बचत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देती है। साथ ही, यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। वहीं पीएम सूर्य घर योजना के लिए भी प्रोत्साहित लोगों को किया जा रहा है

ऑनलाइन चुन सकते हैं वेंडर

इस योजना का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ता पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया का उपयोग कर सकते हैं। आवेदन के लिए पीएम सूर्य घर मोबाइल ऐप, सीएसपीडीसीएल की वेबसाइट, मोर बिजली ऐप या टोल-फ्री नंबर 1912 पर संपर्क किया जा सकता है। नजदीकी बिजली कार्यालय में संपर्क करें।

उपभोक्ता ऑनलाइन वेंडर चुन सकते हैं और सब्सिडी राशि सीधे उनके बैंक खाते में जमा होगी। यह योजना छत्तीसगढ़ के उपभोक्ताओं को ऊर्जा स्वतंत्रता और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक नया अवसर प्रदान करती है।

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