व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत रिमजी मे निंदाई और रोपाई विधि का शैक्षिक भ्रमण

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शासकीय उच्च प्राथमिक शाला रिमजी, संकुल सिंघोड़ा में शनिवार बैगलेश डे के दिन प्रातः योग कराया गया एवं उसके बाद विज्ञान शिक्षक ओमप्रकाश साव साथी शिक्षक डोलामणि चौहान, कमल नारायण भोई एवं रामेश्वर प्रसाद पटेल के दिशा निर्देश में शाला के समीप स्थित खेत में जहां रोपाई का कार्य चल रहा था, वहां सभी छात्र-छात्राओं को व्यवसायिक शिक्षा के अंतर्गत धन की निंदाई एवं रोपाई शिक्षण हेतु शैक्षिक भ्रमण कराया गया।

छत्तीसगढ़ को “धान का कटोरा” कहा जाता है और यहां धान की खेती प्रमुखता से की जाती है। राज्य के कुल कृषि क्षेत्र का लगभग 69% भाग धान की खेती के अंतर्गत आता है, खेती और खेती से जुड़े काम हमारे दिनचर्या में इस कदर जुड़ गया है कि इसमें बच्चे, बूढ़े, जवान, महिला और पुरुष सभी अपने-अपने हिसाब से अपनी-अपनी भूमिका निभाते हैं। विज्ञान शिक्षक द्वारा फसल लगाने की विभिन्न विधियां बता कर परिभ्रमण के लिए ले जाया गया।

रिमजी ग्रामवासी श्वेत कुमार पटेल जी द्वारा जिनके खेत में रोपण कार्य चल रहा था, उनके द्वारा की जा रही उन्नत खेती का सभी छात्रों को जमीनी स्तर पर विभिन्न प्रक्रिया जैसे जुताई, बीजों का उपचार, बुआई, खाद डालना, सिंचाई और उनके साधन, निंदाई, फसल कटाई, मिजाई सभी स्तर के अनुभव को साझा किया गया।

सर्वप्रथम शिक्षकों एवं छात्रों द्वारा खेत पहुंचकर फसल निंदाई एवं रोपाई कार्य देखकर खींचना और लगाने का अनुभव लिया गया एवं उसके पश्चात फसल निंदाई का कार्य कर रहे सभी सहयोगियों के साथ एवं सहयोग से शिक्षक और छात्रों द्वारा निंदाई एवं रोपाई कार्य का अनुभव लिया गया। यह व्यावसायिक भ्रमण छात्रों के लिए बहुत उत्साह पूर्वक रहा, जिसमें ग्राम वासियों एवं समिति के सदस्यों का सहयोग रहा।

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