इस दिवाली, खुशियों वाली! पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन ने जरूरतमंद परिवारों के साथ बांटी दीपावली की खुशियां

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CG DASTAK 

रायपुर, 6 नवंबर 2026। दीपावली का त्योहार केवल घरों को रोशन करने का नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में खुशियों का उजाला फैलाने का भी अवसर है। इसी भावना को साकार करते हुए पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन ने अपनी वार्षिक पहल ‘इस दिवाली, खुशियों वाली’ अभियान के तहत जरूरतमंद परिवारों और बच्चों के साथ दीपावली की खुशियां साझा कीं।

संस्था की ओर से रायपुर के बस स्टैंड एवं मठपुरैना क्षेत्र में आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को दीपावली के अवसर पर नए कपड़े, मिठाइयां, नमकीन, दीपक, बाती, तेल, ड्रॉइंग बुक, कलर और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की गई।

इस पहल का उद्देश्य केवल जरूरत की वस्तुएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को त्योहार की खुशियों में शामिल होने का अवसर देना और उनमें अपनापन एवं सहयोग की भावना पैदा करना था।

जरूरतमंद परिवारों के चेहरों पर लाई मुस्कान

‘इस दिवाली, खुशियों वाली’ अभियान के अंतर्गत संस्था ने ऐसे परिवारों तक पहुंचने का प्रयास किया, जिनके लिए आर्थिक परिस्थितियों के कारण त्योहार मनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

नए कपड़े, मिठाइयां, दीपक और बच्चों के लिए शैक्षणिक सामग्री देकर संस्था ने यह संदेश दिया कि दीपावली की खुशियां तभी पूरी होती हैं, जब समाज का हर वर्ग इसमें सहभागी बने।

संवेदनशीलता और सेवा भावना ही सबसे बड़ी पूंजी

संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि दीपावली की असली रोशनी केवल घरों को सजाने से नहीं, बल्कि किसी जरूरतमंद के चेहरे पर मुस्कान लाने से होती है।

उन्होंने कहा कि खुशियां बांटने के लिए धन से ज्यादा संवेदनशील हृदय और सेवा का भाव जरूरी है। यदि किसी छोटे से प्रयास से किसी परिवार की दीपावली खुशियों से भर सकती है, तो इससे बड़ी संतुष्टि कुछ और नहीं हो सकती।

उन्होंने समाज के लोगों से भी अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों की सहायता करने की अपील की।

डॉ. कविता कुम्भज सहित संस्था के सदस्य रहे उपस्थित

इस सेवा अभियान में पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन की फाउंडर डॉ. कविता कुम्भज, मूलचंद कश्यप, राहुल कुम्भज, ज्योति कुम्भज और समाजसेवी पीयूष जैन सहित संस्था के गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के स्टाफ सदस्यों ज्योति मैम, रानी मैम, काजल मैम, कृष्णा सर, प्रतीक सर, राधिका मैम, आशीष सर, पायल मैम, नमन सर और हेमलता यादव का सराहनीय योगदान रहा।

इसके साथ ही पारस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन के विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। विद्यार्थियों की भागीदारी ने सेवा, संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया।

शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का संकल्प

पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन का मानना है कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि एक बेहतर और संवेदनशील समाज का निर्माण करना भी है।

इसी सोच के साथ संस्था शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों और जनकल्याण से जुड़े कार्यों में निरंतर सहभागिता निभा रही है।

संस्था ने अभियान में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। साथ ही भविष्य में भी जरूरतमंद वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए ऐसे सेवा कार्य जारी रखने का संकल्प लिया।

एक दीप उम्मीद का, एक प्रयास मुस्कान का

‘इस दिवाली, खुशियों वाली’ अभियान ने यह संदेश दिया कि त्योहारों की असली खुशी दूसरों के साथ खुशियां बांटने में है।

संस्था की अपील है कि हर व्यक्ति अपनी सामर्थ्य के अनुसार किसी जरूरतमंद परिवार की मदद करे, ताकि किसी के घर में दीपावली की खुशियां अधूरी न रहें।

 

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