भिलाई की जूली सिंह साधक को मिली पीएचडी की उपाधि, BLDC मोटर तकनीक पर किया शोध

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भिलाईनगर। CG DASTAK 

भिलाईनगर। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU), भिलाई ने भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (BIT), दुर्ग की शोधार्थी जूली सिंह साधक को पीएचडी की उपाधि प्रदान की है। उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विषय में अपने शोध के माध्यम से यह उपलब्धि हासिल की है।

जूली सिंह साधक ने “Enhancing Brushless DC Motor Drive Performance by Using Hybrid Commutation” विषय पर शोध कार्य किया है। उनका शोध ब्रशलेस डायरेक्ट करंट (BLDC) मोटर ड्राइव की दक्षता और प्रदर्शन को बेहतर बनाने से संबंधित है।

BLDC मोटर की कार्यक्षमता बढ़ाने पर केंद्रित शोध

जूली का शोध आधुनिक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और मोटर तकनीक के क्षेत्र से जुड़ा है। इसमें Hybrid Commutation तकनीक के उपयोग से BLDC मोटर ड्राइव के प्रदर्शन को बेहतर बनाने पर अध्ययन किया गया है।

BLDC मोटर का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों, औद्योगिक उपकरणों और कई आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों में किया जाता है। ऐसे में मोटर की दक्षता और बेहतर संचालन से संबंधित शोध तकनीकी क्षेत्र के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।

विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में पूरा हुआ शोध

जूली सिंह साधक का शोध कार्य प्रोफेसर डॉ. सुरेखा भुसनूर (Dr. Surekha Bhusnur) और डॉ. एस.पी. दुबे (Dr. S. P. Dubey) के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

शोधार्थी के कई रिसर्च आर्टिकल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। पीएचडी की उपाधि प्राप्त करना उनकी शैक्षणिक और शोध यात्रा की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

जूली सिंह साधक की इस उपलब्धि से भिलाई और छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक जगत में खुशी का माहौल है। उनकी यह सफलता तकनीकी शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है।

 

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