
सूरजपुर। CG DASTAK
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के कुबेरपुर गांव में ट्रैक्टर की टक्कर से एक महिला की मौत के बाद हुए बवाल के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सरगुजा संभाग आयुक्त ने जांच रिपोर्ट के आधार पर बिहारपुर क्षेत्र में पदस्थ नायब तहसीलदार एवं प्रभारी तहसीलदार करमचंद जाटवर को निलंबित कर दिया है। वहीं, घटना के बाद हुए विरोध-प्रदर्शन और आगजनी के मामले में पुलिस ने 26 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है, जिनमें से 6 आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।

क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, 17 अक्टूबर 2026 को सूरजपुर जिले के चांदनी बिहारपुर क्षेत्र के कुबेरपुर गांव में ट्रैक्टर की टक्कर से स्कूटी सवार महिला चंद्रवती जायसवाल (28) की मौत हो गई थी। महिला की मौत के बाद गांव में आक्रोश फैल गया। नाराज ग्रामीणों ने कई घंटों तक चक्काजाम कर विरोध जताया।
विरोध के दौरान मामला और तनावपूर्ण हो गया। ग्रामीणों ने ट्रैक्टर और क्रशर प्लांट में आग लगा दी। इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी कई घंटे तक विरोध का सामना करना पड़ा।
26 लोगों के खिलाफ FIR, 6 गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस ने मामले में 26 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इनमें से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। घटना के बाद इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन की ओर से कार्रवाई की गई।

इस मामले ने स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था और घटना के बाद की गई कार्रवाई को लेकर भी सवाल खड़े किए थे।
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जताई थी नाराजगी
घटना के बाद मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े कुबेरपुर गांव पहुंची थीं। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और प्रशासन तथा पुलिस अधिकारियों से घटना के बाद की स्थिति को लेकर सवाल किए थे।

मंत्री ने अधिकारियों से पूछा था कि हादसा दोपहर करीब 12 बजे हुआ था, तो शाम तक स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए गए? उन्होंने अधिकारियों को समय पर कार्रवाई करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए थे।
जांच रिपोर्ट के बाद प्रभारी तहसीलदार निलंबित
मामले की जांच सूरजपुर कलेक्टर द्वारा कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में चांदनी बिहारपुर के प्रभारी तहसीलदार करमचंद जाटवर की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही सामने आने की बात कही गई।
इसके बाद सरगुजा संभाग आयुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा ने 2 नवंबर 2026 को निलंबन आदेश जारी किया। आदेश के अनुसार, करमचंद जाटवर को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संभागीय पटवारी प्रशिक्षण शाला, अंबिकापुर निर्धारित किया गया है। आदेश में कहा गया है कि निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा।
प्रशासनिक कार्रवाई के बाद फिर चर्चा में मामला
कुबेरपुर की घटना में एक महिला की मौत के बाद उपजा आक्रोश, चक्काजाम, आगजनी और प्रशासनिक कार्रवाई ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। अब जांच और पुलिस कार्रवाई के साथ यह मामला प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर भी चर्चा में है।









