
रायगढ़। CG DASTAK
15 नवंबर से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, अवैध परिवहन और भंडारण रोकने 20 अंतरराज्यीय चेक पोस्ट पर 24 घंटे निगरानी
रायगढ़। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पहले रायगढ़ जिला प्रशासन ने अवैध धान के परिवहन और भंडारण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में प्रशासनिक टीम ने लैलूंगा क्षेत्र के ग्राम मुकडेगा में कार्रवाई करते हुए करीब 14 क्विंटल अवैध धान जब्त किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी व्यवस्था में गड़बड़ी रोकने के लिए जिलेभर में निगरानी और जांच अभियान चलाया जाएगा।
धान खरीदी से पहले अवैध भंडारण पर कार्रवाई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार को एसडीएम लैलूंगा की टीम ने ग्राम मुकडेगा में दबिश दी। यहां ग्राम निवासी सुदराम चौहान के पास रखे 34 कट्टा धान को जब्त किया गया। इसका कुल वजन करीब 14 क्विंटल बताया गया है।
प्रशासन ने मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। धान खरीदी शुरू होने से पहले अवैध भंडारण और परिवहन पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि खरीदी प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता न हो।
20 अंतरराज्यीय चेक पोस्ट पर 24 घंटे निगरानी
धान के अवैध परिवहन और बाहरी राज्यों से आने वाले धान को रोकने के लिए जिले में 20 अंतरराज्यीय चेक पोस्ट बनाए गए हैं। इन चेक पोस्ट पर चार टीमों को तीन पालियों में तैनात किया गया है।
यहां 24 घंटे निगरानी रखी जाएगी। दूसरे राज्यों से आने वाले धान के परिवहन पर विशेष नजर रहेगी, ताकि समर्थन मूल्य पर खरीदी व्यवस्था का अनुचित लाभ उठाने की कोशिशों को रोका जा सके।
10 तहसीलों में उड़नदस्ता दल गठित
प्रशासन ने जिले की 10 तहसीलों में उड़नदस्ता दलों का गठन किया है। इनमें रायगढ़, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, धरमजयगढ़, छाल, कापू, लैलूंगा और मुकडेगा शामिल हैं।
इन दलों में राजस्व, खाद्य, मंडी और सहकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को शामिल किया गया है। ये टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में धान के भंडारण, परिवहन और खरीदी से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखेंगी।
कोचियों और बिचौलियों पर भी रहेगी नजर
प्रशासन ने जांच दलों को अवैध धान के परिवहन और भंडारण के साथ-साथ कोचियों तथा बिचौलियों की गतिविधियों पर भी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी
छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होने वाली है। इससे पहले प्रशासन की ओर से की जा रही कार्रवाई को खरीदी व्यवस्था पारदर्शी और व्यवस्थित बनाए रखने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
जिला प्रशासन का उद्देश्य अवैध धान की आवक रोकना और वास्तविक किसानों को खरीदी व्यवस्था का लाभ सुनिश्चित करना है। आने वाले दिनों में भी जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में जांच और निगरानी अभियान जारी रहेगा।









