
अचानकमार। छत्तीसगढ़ के वन्यजीव पर्यटन के शौकीनों के लिए अच्छी खबर है। अचानकमार टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के लिए जंगल सफारी शुरू हो गई है। शनिवार सुबह से सैलानियों ने जंगल की सैर शुरू की। अचानकमार गेट यानी शिवतराई गेट के साथ केंवची गेट से भी बफर जोन में सफारी की सुविधा शुरू की गई है।
सफारी शुरू होने से पर्यटकों को अचानकमार के जंगल, वन्यजीवों और प्राकृतिक सुंदरता को करीब से देखने का अवसर मिलेगा। पहले दिन ऑनलाइन माध्यम से 11 सफारी की बुकिंग होने की जानकारी सामने आई है।

वन मंत्री केदार कश्यप ने किया सफारी का उद्घाटन
अचानकमार टाइगर रिजर्व में सफारी की शुरुआत वन मंत्री केदार कश्यप ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों के साथ टाइगर रिजर्व के अधिकारी भी मौजूद रहे।
सुबह सफारी के लिए रवाना होने वाले वाहनों को उत्साह के साथ जंगल की ओर रवाना किया गया। सफारी शुरू होने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

शिवतराई और केंवची गेट से मिलेगी सफारी की सुविधा
अचानकमार टाइगर रिजर्व के अचानकमार यानी शिवतराई गेट से पर्यटक जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे। इसके साथ ही केंवची गेट से बफर जोन में भी सफारी शुरू की गई है।
जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को प्राकृतिक वातावरण, घने जंगल और वन्यजीवों को देखने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, जंगल में वन्यजीवों का दिखाई देना उनकी मौजूदगी, गतिविधियों और सफारी के दौरान परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
कोर एरिया में 18 बाघ होने की जानकारी
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अचानकमार टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में 18 बाघ हैं। इससे पर्यटकों में बाघों को देखने की उत्सुकता बढ़ सकती है। हालांकि, सफारी के दौरान बाघ दिखने की गारंटी नहीं होती।
अचानकमार का जंगल केवल बाघों के लिए ही नहीं, बल्कि अन्य वन्यजीवों के लिए भी जाना जाता है। यहां विशाल इंडियन बाइसन यानी गौर के झुंड आकर्षण का प्रमुख केंद्र हैं। इनके अलावा जंगल में पाए जाने वाले अन्य वन्यप्राणी भी इस क्षेत्र की प्राकृतिक विविधता को खास बनाते हैं।
वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखना पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव हो सकता है। इसके साथ ही जंगल की शांति और वन्यजीव संरक्षण के नियमों का पालन करना भी जरूरी है।
जिप्सी सफारी का किराया 3,500 रुपये
अचानकमार टाइगर रिजर्व में जिप्सी से सफारी की दर 3,500 रुपये बताई गई है। सफारी सुबह और शाम, दोनों समय आयोजित की जाती है।
पर्यटन की योजना बनाने वाले लोगों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा से पहले बुकिंग की उपलब्धता, सफारी के समय, शुल्क में शामिल सुविधाओं और अन्य नियमों की पुष्टि संबंधित टाइगर रिजर्व प्रबंधन से कर लें। शुल्क और बुकिंग की शर्तों में बदलाव संभव है।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
अचानकमार टाइगर रिजर्व छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण वन्यजीव पर्यटन स्थलों में शामिल है। सफारी शुरू होने से प्रकृति प्रेमियों, वन्यजीव फोटोग्राफी में रुचि रखने वाले लोगों और परिवार के साथ घूमने की योजना बना रहे पर्यटकों को जंगल का अनुभव लेने का अवसर मिलेगा।
स्थानीय स्तर पर पर्यटन गतिविधियों के बढ़ने से आसपास के क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की संभावना रहती है। हालांकि, पर्यटन के साथ वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और जंगल की संवेदनशीलता की रक्षा करना जरूरी है।
सफारी के दौरान पर्यटकों को निर्धारित मार्ग पर चलने, वन विभाग के निर्देशों का पालन करने, वन्यजीवों से उचित दूरी बनाए रखने और जंगल में शोर या गंदगी नहीं करने जैसे नियमों का ध्यान रखना चाहिए।
अचानकमार टाइगर रिजर्व में सफारी शुरू होने के साथ अब पर्यटक यहां की प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों को करीब से देखने की योजना बना सकते हैं। पहले दिन 11 सफारी की ऑनलाइन बुकिंग इस नई शुरुआत में पर्यटकों की रुचि का संकेत देती है।
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