
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ के गौरेला क्षेत्र में मारपीट और धमकी के आरोपों से जुड़ा मामला सामने आया है। लोकतंत्र सेनानी परिवार से जुड़े एक व्यक्ति ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर कथित मारपीट की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। परिवार ने क्षेत्र में नशे की समस्या पर अंकुश लगाने के लिए भी प्रभावी कार्रवाई की मांग उठाई है।
परिवार की ओर से दिए गए आवेदन के अनुसार, 25 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे ज्योतिपुर चौक के पास कुछ लोगों ने शिकायतकर्ता के साथ गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और मारपीट की। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान हथियार दिखाकर धमकी भी दी गई। शिकायतकर्ता ने मारपीट के संबंध में मेडिकल रिपोर्ट होने की जानकारी भी दी है।
परिवार का कहना है कि घटना के बाद से वे भय और चिंता के माहौल में रह रहे हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराने और परिवार को आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराने की अपील की है।
मारपीट के बाद मेडिकल रिपोर्ट होने की बात
शिकायतकर्ता के अनुसार, ज्योतिपुर चौक के पास हुई कथित घटना में उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की गई। इस संबंध में मेडिकल रिपोर्ट होने की बात भी परिवार की ओर से कही गई है।
मेडिकल रिपोर्ट घटना के बाद कराए गए परीक्षण और चोटों से संबंधित जानकारी की जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, रिपोर्ट में दर्ज निष्कर्षों और घटना से उनके संबंध की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ही की जा सकती है।
परिवार ने पुलिस से मांग की है कि शिकायत, मेडिकल रिपोर्ट, उपलब्ध वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
पहले के विवाद का भी आवेदन में उल्लेख
पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए आवेदन में शिकायतकर्ता ने दिसंबर 2024 में हुए एक पुराने विवाद का भी उल्लेख किया है। आवेदन के मुताबिक, उस समय भी कुछ लोगों के साथ गाली-गलौज और मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया था।
शिकायतकर्ता ने कुछ व्यक्तियों के नामों का उल्लेख करते हुए विवाद में उनकी कथित भूमिका की जांच की मांग की है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। संबंधित पक्षों का बयान और पुलिस की जांच सामने आने के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
चर्च को लेकर कथित बयान का वीडियो भी जांच के दायरे में
परिवार की ओर से एक वीडियो का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, वीडियो में एक महिला चर्च को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक और चुनौतीपूर्ण भाषा का इस्तेमाल करती दिखाई देती है।
दावा किया गया है कि वीडियो में चर्च के संदर्भ में कथित रूप से कहा गया है कि आगे जो भी होगा, वह बाहर होगा और जिसे दम है, वह सामने आए। हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता, पूरा संदर्भ और उसमें कही गई बातों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इसलिए वीडियो में कथित बयान को प्रमाणित तथ्य मानने के बजाय उसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। वीडियो की रिकॉर्डिंग, उसमें कही गई बातों और सभी संबंधित पक्षों की भूमिका की पड़ताल के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है।
क्षेत्र में नशे पर अंकुश लगाने की मांग
परिवार ने केवल अपनी सुरक्षा का मुद्दा ही नहीं उठाया, बल्कि क्षेत्र में नशे की समस्या पर अंकुश लगाने की मांग भी की है। उनका कहना है कि नशे से जुड़ी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है, ताकि स्थानीय लोगों, युवाओं और परिवारों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
परिवार की मांग है कि पुलिस और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियां क्षेत्र में नशे से जुड़ी शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान दें। यदि कहीं अवैध नशे के कारोबार या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों की शिकायत मिलती है, तो उसकी जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
हालांकि, इस विशेष मामले में किसी व्यक्ति की नशे के कारोबार में संलिप्तता की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए ऐसे आरोपों की जांच साक्ष्यों के आधार पर किया जाना आवश्यक है।
लोकतंत्र सेनानी परिवार ने सुरक्षा की गुहार लगाई
आवेदन में शिकायतकर्ता ने अपना परिचय लोकतंत्र सेनानी परिवार के सदस्य के रूप में दिया है। परिवार का कहना है कि वे शांतिपूर्वक अपने परिवार के साथ जीवनयापन करना चाहते हैं और किसी प्रकार के विवाद या भय के माहौल में नहीं रहना चाहते।
शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि मौजूदा विवाद के कारण भविष्य में उनके या उनके परिवार के साथ कोई अप्रिय घटना हो सकती है। इसी आधार पर उन्होंने पुलिस प्रशासन से परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
परिवार ने मांग की है कि शिकायत में बताए गए घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया जाए तथा आरोपों की पुष्टि होने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग
मामले में परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के बीच पुलिस की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण है। शिकायत में उल्लेखित घटना, मेडिकल रिपोर्ट, वीडियो और पुराने विवाद से संबंधित तथ्यों की पड़ताल कर सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जाने चाहिए।
साथ ही, क्षेत्र में नशे पर अंकुश लगाने की मांग पर भी संबंधित एजेंसियों द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। शिकायतकर्ता और उनके परिवार की सुरक्षा संबंधी आशंका का आकलन कर आवश्यक कदम उठाना भी महत्वपूर्ण है।
फिलहाल, उपलब्ध आवेदन के आधार पर परिवार की शिकायत और मांगें सामने आई हैं। पुलिस ने मामले में क्या कार्रवाई की है, जांच की वर्तमान स्थिति क्या है और दूसरे पक्ष का इस संबंध में क्या कहना है—इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
CG Dastak का पक्ष: यह खबर परिवार की ओर से उपलब्ध कराए गए आवेदन और दस्तावेजों के आधार पर तैयार की गई है। इसमें लगाए गए आरोपों को जांच से पहले प्रमाणित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। पुलिस प्रशासन और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।









