
सूरजपुर/मनेंद्रगढ़। CG DASTAK
13 अक्टूबर 2024 की वारदात ने पूरे प्रदेश को झकझोरा था, पत्नी और नाबालिग बेटी की हत्या के मामले में अदालत में चली सुनवाई
सूरजपुर/मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ के चर्चित हेड कांस्टेबल तालिब शेख की पत्नी और नाबालिग बेटी की हत्या के मामले में अदालत में सुनवाई पूरी होने के बाद अब फैसले का इंतजार है। करीब दो साल पुराने इस मामले को लेकर पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों की नजर अदालत के निर्णय पर है।
नोट: उपलब्ध ताजा ऑनलाइन स्रोतों में 28 सितंबर 2026 को फैसले के सुनाए जाने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिली है। इसलिए नीचे फैसला “संभावित/प्रतीक्षित” के रूप में और आपके दिए ताजा अपडेट के आधार पर प्रस्तुत किया गया है। वर्ष 2024 की घटना और आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी स्वतंत्र समाचार स्रोतों से भी पुष्ट है।
13 अक्टूबर 2024 की घटना से मचा था हड़कंप
यह मामला 13 अक्टूबर 2024 की रात सामने आया था। सूरजपुर में पदस्थ प्रधान आरक्षक तालिब शेख के घर में उनकी पत्नी और नाबालिग बेटी की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद दोनों के शव घर से दूर बरामद हुए थे। वारदात के बाद सूरजपुर में तनाव की स्थिति बनी और लोगों में भारी आक्रोश देखा गया।
पुलिस जांच में मुख्य आरोपी के रूप में कुलदीप साहू का नाम सामने आया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था। 2024 की पुलिस कार्रवाई में कुल पांच आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई थी।
मुख्य आरोपी पर हुई थी बुलडोजर कार्रवाई
हत्याकांड के बाद मुख्य आरोपी से जुड़े अवैध निर्माणों पर प्रशासन ने कार्रवाई भी की थी। अक्टूबर 2024 में आरोपी के मकान और अन्य अवैध निर्माणों को लेकर प्रशासन की ओर से बुलडोजर कार्रवाई की खबर सामने आई थी
घटना के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे थे और इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया था। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति संभालने के लिए फ्लैग मार्च भी किया थ
दो साल तक चली न्यायिक प्रक्रिया
घटना के बाद मामले की जांच पूरी कर आरोपियों के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी। आपके द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई और पिछले करीब दो वर्षों में गवाहों तथा साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई आगे बढ़ी।
अब सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत के फैसले का इंतजार है। फैसला आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अदालत उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर किन आरोपियों को किस आरोप में दोषी या दोषमुक्त ठहराती है।
परिजनों ने की कड़ी सजा की मांग
मृतका के परिजनों की ओर से आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की मांग पहले भी सामने आती रही है। 2024 में मृतकों के परिजनों ने फास्ट ट्रैक कोर्ट में जल्द सुनवाई और फांसी की मांग की थी।
हालांकि अंतिम सजा या दोषसिद्धि का निर्णय अदालत के अधिकार क्षेत्र में है। इसलिए फैसले से पहले किसी आरोपी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
फैसले को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर नजर
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अदालत परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस-प्रशासन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सतर्क है।
अब सभी की निगाहें अदालत के फैसले पर टिकी हैं। फैसले के बाद ही इस बहुचर्चित मामले की न्यायिक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।









