
अंबिकापुर/सरगुजा। CG DASTAK
सरगुजा की 20 वर्षीय वर्षा यादव की शादी को अभी करीब 4 महीने ही हुए थे; पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर जांच शुरू की, मौत की वजह और आरोपों की जांच जारी
अंबिकापुर/सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक नवविवाहिता की जहर सेवन के बाद इलाज के दौरान मौत का मामला सामने आया है। मृतका की पहचान वर्षा यादव (20) के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक वर्षा ने तबीयत बिगड़ने से दो दिन पहले अपने पिता को वाट्सऐप पर संदेश भेजकर अपनी परेशानी बताई थी। इसके बाद उसे अंबिकापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मामला मैनपाट थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम और नायब तहसीलदार जयेश कंवर मौके पर पहुंचे और मृतका के पिता समेत अन्य परिजनों के बयान दर्ज किए।
शादी को हुए थे करीब चार महीने
परिजनों के अनुसार वर्षा यादव की शादी 1 मई 2026 को मैनपाट के लुरैना निवासी अजय यादव के साथ सामाजिक रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के कुछ ही महीनों बाद उसकी तबीयत और पारिवारिक परिस्थितियों को लेकर विवाद सामने आया।

मृतका के पिता उमेश यादव ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि उनकी बेटी को ससुराल पक्ष की ओर से प्रताड़ित किया जाता था और उसके साथ मारपीट भी हुई थी। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पिता को वाट्सऐप पर भेजा था संदेश
परिजनों के मुताबिक घटना से दो दिन पहले, 18 सितंबर की दोपहर करीब 12 बजे, वर्षा ने अपने पिता को वाट्सऐप पर संदेश भेजा था। पिता के अनुसार संदेश में उसने अपनी परेशानी जाहिर की और लिखा था कि वह जीना नहीं चाहती तथा उसे सुकून से मरने दिया जाए।

परिवार का कहना है कि वर्षा एमएससी की पढ़ाई जारी रखना चाहती थी। पिता के मुताबिक ससुराल पक्ष की सहमति से उसकी पढ़ाई आगे जारी रखने की बात तय हुई थी।
मायके पक्ष ने लगाए मारपीट के आरोप
वर्षा के पिता उमेश यादव ने पुलिस को बताया कि 15 सितंबर को बेटी ने फोन कर अपनी परेशानी बताई थी। उनके अनुसार वर्षा ने अपने साथ मारपीट किए जाने की बात कही थी। पिता ने यह भी आरोप लगाया कि उसके पति ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की और गला दबाने की कोशिश की।

हालांकि ये सभी आरोप फिलहाल मृतका के मायके पक्ष के बयान पर आधारित हैं। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और किसी व्यक्ति की भूमिका रही या नहीं।
जहर खाने के बाद अस्पताल में भर्ती
परिजनों के मुताबिक वर्षा ने चूहे मारने की दवा का सेवन किया था। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ने पर उसे इलाज के लिए अंबिकापुर के निजी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। नायब तहसीलदार जयेश कंवर ने मृतका के पिता सहित परिजनों के बयान दर्ज किए हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले में मायके पक्ष ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। इसमें मृतका के वाट्सऐप संदेश, परिजनों के बयान, अस्पताल से संबंधित जानकारी और ससुराल पक्ष से जुड़े आरोपों की जांच शामिल हो सकती है।
फिलहाल यह स्पष्ट रूप से कहना जल्दबाजी होगी कि वर्षा ने किन परिस्थितियों में जहर का सेवन किया और इसके पीछे कोई प्रताड़ना जिम्मेदार थी या नहीं। पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नोट: मृतका के कथित वाट्सऐप संदेश और मायके पक्ष द्वारा लगाए गए प्रताड़ना के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने तक नहीं हुई है। मामले में किसी को दोषी ठहराना अदालत/जांच के निष्कर्ष पर निर्भर करेगा।









