
धमतरी ज़िले में लगातार हो रही मंदिरों में चोरी की घटनाओं से परेशान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह चोर गिरोह खास तौर पर मंदिरों को ही अपना निशाना बनाता था। आरोपी मंदिरों की रेकी कर वहां दानपेटी और गहनों की चोरी करते थे। चोरी के माल को खपाने के लिए महिलाओं की मदद ली जाती थी।
लगातार हो रही थी चोरी, पुलिस पर उठे थे सवाल
पिछले कुछ हफ्तों में धमतरी के प्रमुख मंदिरों जैसे श्री राम मंदिर, नागेश्वर मंदिर, शिव मंदिर, काली मंदिर और रत्नेश्वरी मंदिर से दानपेटी चोरी की घटनाएं सामने आई थीं। उसके बाद कुरूद के छत्तीसगढ़ महतारी मंदिर और चंडी माता मंदिर को भी निशाना बनाया गया। सबसे बड़ी चोरी चंडी माता मंदिर में हुई, जहां लाखों के गहने चुराए गए।
इन वारदातों के चलते पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे थे, लेकिन अंततः साइबर सेल, कोतवाली पुलिस और कुरूद थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने चोरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
ऐसे हुआ खुलासा
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर महासमुंद जिले के बसना निवासी जहीर खान और उसकी पत्नी अफरोज खान को हिरासत में लिया। पूछताछ में मुख्य आरोपी जहीर खान ने मंदिरों में चोरी करना स्वीकार किया।
आगे पूछताछ के बाद चोरी के सामान को खपाने में सहयोग देने वाले मुनाफ खत्री और ताहिरा बानो को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी मंदिरों को कैसे बनाते थे निशाना
मुख्य आरोपी जहीर खान, धमतरी के मकेश्वर वार्ड में किराए के मकान में रह रहा था और एक कबाड़ी दुकान में काम करता था। वह पहले मंदिरों की रेकी करता और फिर रात में चोरी की वारदात को अंजाम देता। पुलिस ने बताया कि उसने पहले भी महासमुंद जिले में कई चोरियां की हैं।
क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से:
मंदिरों से चोरी की गई नकद राशि
सोने के आभूषणबरामद कर लिए हैं।
फिलहाल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर विधिक कार्यवाही की जा रही है। पुलिस अन्य संभावित मामलों की भी जांच कर रही है।










