प्रशासनिक दक्षता, सुशासन एवं संस्थागत उत्कृष्टता पर एक सप्ताह का फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम

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रायपुर। शासकीय जे. योगानंदम छत्तीसगढ़ महाविद्यालय, रायपुर में “प्रशासनिक दक्षता, सुशासन एवं संस्थागत उत्कृष्टता” विषय पर एक सप्ताह का फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम 19 से 25 अगस्त 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।

कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. नियति गुरुद्वान ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य महाविद्यालयीन स्टाफ की प्रशासनिक दक्षता, कार्यकुशलता एवं कौशल में वृद्धि करना तथा सुशासन एवं संस्थागत उत्कृष्टता की दिशा में प्रभावी कार्यसंस्कृति विकसित करना है। उन्होंने बताया कि पूरे सप्ताह विभिन्न विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रशासनिक एवं समसामयिक विषयों पर व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी।

कार्यक्रम के प्रथम दिवस उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के अपर संचालक डॉ. तपेशचंद्र गुप्ता, विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री विजय गोयल तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अंजलि भटनागर ने की।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया। स्वागत उपरांत अतिथियों ने अपने उद्बोधन में कार्यक्रम की उपयोगिता एवं महाविद्यालयीन प्रशासन में दक्षता, सुशासन तथा बेहतर कार्यसंस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला।

मुख्य अतिथि डॉ. तपेशचंद्र गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि प्रशासनिक कार्यों में नियमों की जानकारी के साथ-साथ उनके सही एवं प्रभावी क्रियान्वयन की समझ भी आवश्यक है। उन्होंने प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों की कार्यक्षमता एवं प्रशासनिक दक्षता को निरंतर अद्यतन करने की आवश्यकता पर बल दिया।

विशिष्ट अतिथि श्री विजय गोयल ने कार्यक्रम के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम महाविद्यालय के स्टाफ की सोच एवं कार्यशैली को नया आयाम प्रदान करते हैं। कर्मचारियों के ज्ञान, कौशल एवं दक्षता को अद्यतन करने की दृष्टि से यह कार्यक्रम अत्यंत उपयोगी साबित होगा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. अंजलि भटनागर ने कहा कि किसी भी संस्थान की प्रगति में दक्ष एवं जिम्मेदार मानव संसाधन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता करते हुए प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ लेने का आह्वान किया।

उद्घाटन सत्र के पश्चात प्रथम दिवस का तकनीकी सत्र मुख्य वक्ता डॉ. तपेशचंद्र गुप्ता द्वारा लिया गया। उन्होंने छत्तीसगढ़ अवकाश नियमों पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान करते हुए आकस्मिक अवकाश, मातृत्व अवकाश, अर्धवेतन अवकाश, चिकित्सा अवकाश, चाइल्ड केयर लीव सहित विभिन्न प्रकार के अवकाशों के नियमों एवं प्रावधानों को सरल एवं व्यावहारिक तरीके से समझाया। तकनीकी सत्र में प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता रही तथा विषय से संबंधित विभिन्न प्रश्नों पर उपयोगी चर्चा हुई।

कार्यक्रम संयोजक डॉ. मंजू वर्मा ने मुख्य अतिथि डॉ. तपेशचंद्र गुप्ता एवं विशिष्ट अतिथि श्री विजय गोयल का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्यों एवं विषय-वस्तु को सारगर्भित रूप में प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के आयोजन सचिव श्री लखपति पटेल ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं एवं समन्वय की जिम्मेदारी निभाई। वहीं सह-समन्वयक डॉ. अनिल रामटेके ने विभिन्न सत्रों के संचालन एवं समन्वय में सहयोग प्रदान किया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय सहित अन्य महाविद्यालयों के शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में कुल 100 से भी अधिक प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं। 19 से 25 अगस्त तक चलने वाले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशासनिक दक्षता, सुशासन एवं संस्थागत उत्कृष्टता से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।

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