
सरायपाली। ब्लॉक के कुटेला से अंतरझोला तक करीब 15 किलोमीटर लंबी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़क पिछले तीन वर्षों से बदहाल है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि पूरे मार्ग पर एक हजार से अधिक गड्ढे हैं। बारिश के दिनों में स्थिति और भी खराब हो जाती है।
इस सड़क से करीब 25 गांवों के ग्रामीण रोजाना आवागमन करते हैं। सड़क की जर्जर हालत के कारण बाजार, स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी कामों के लिए आने-जाने में लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग खास तौर पर जोखिम भरा हो गया है। कई स्थानों पर गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है।
राशि स्वीकृत, फिर भी काम शुरू नहीं
ग्रामीणों के मुताबिक सड़क निर्माण के लिए राशि स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद ठेकेदार ने समय पर काम शुरू नहीं किया। ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही और ठेकेदार की मनमानी के कारण सड़क की समस्या लगातार बनी हुई है।
बारिश के दौरान कीचड़ और पानी से भरे गड्ढों के बीच आवागमन करना ग्रामीणों के लिए परेशानी के साथ दुर्घटना का खतरा भी बढ़ा रहा है। खराब सड़क के कारण लोगों का समय और वाहन खर्च दोनों बढ़ रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल
ग्रामीणों ने सड़क की बदहाली को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सड़क की समस्या लंबे समय से सामने है, लेकिन अब तक इसके समाधान के लिए ठोस पहल नहीं हुई।
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से जल्द सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने, गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने और तब तक आवश्यक मरम्मत कराने की मांग की है।









