
बलरामपुर। CG DASTAK

जिले के रघुनाथनगर थाना क्षेत्र स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में पदस्थ एक PT शिक्षक पर नाबालिग छात्रा को कथित तौर पर आपत्तिजनक मैसेज भेजने और शादी के लिए दबाव बनाने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला सामने आने के बाद विवाद और बढ़ गया, जब छात्रा के भाई के साथ स्कूल परिसर में मारपीट की घटना सामने आई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है, जबकि जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने भी विभागीय जांच के लिए टीम गठित की है।
मोबाइल पर मैसेज को लेकर परिजनों ने जताई आपत्ति
जानकारी के मुताबिक, स्वामी आत्मानंद स्कूल में पदस्थ 28 वर्षीय PT शिक्षक संदीप गुप्ता के संबंध में परिजनों ने शिकायत की है। बताया जा रहा है कि शिक्षक छात्रा से मोबाइल के जरिए बातचीत करता था।

परिजनों का आरोप है कि शिक्षक ने नाबालिग छात्रा को कथित रूप से आपत्तिजनक मैसेज भेजे और उस पर शादी करने का दबाव बनाया। परेशान होकर छात्रा ने इसकी जानकारी अपने परिवार को दी। इसके बाद परिजनों ने शिक्षक से बात कर उसे समझाइश दी थी।
दोबारा समझाने पहुंचा था छात्रा का भाई
आरोप है कि समझाइश के बावजूद कथित रूप से शिक्षक की हरकतें नहीं रुकीं। इसके बाद 15 अगस्त को छात्रा का भाई शिक्षक से बात करने और उसे समझाने के लिए स्कूल पहुंचा।
बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इसके बाद स्कूल मैदान में मौजूद कुछ हाईस्कूल छात्रों से छात्रा के भाई की मारपीट कराई गई। परिजनों के मुताबिक, युवक के हाथ में चोट आई है और लोहे की रॉड से हमला किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब मामले से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही है। जांच में छात्रा के मोबाइल मैसेज, मारपीट की घटना, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को शामिल किया जा रहा है।
DEO ने भी गठित की जांच टीम
मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग भी सक्रिय हुआ है। जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले की विभागीय जांच के लिए टीम गठित की है। पुलिस और शिक्षा विभाग की जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
CG Dastak नोट: छात्रा नाबालिग है, इसलिए उसकी पहचान से जुड़ी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है। शिक्षक पर लगाए गए आरोप फिलहाल शिकायत/आरोप के स्तर पर हैं; मामले की अंतिम सच्चाई पुलिस और विभागीय जांच के बाद स्पष्ट होगी।









