
बलरामपुर CG DASTAK
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज वन परिक्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी के बीच एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। शिवपुर के जंगल में भैंस चराने गए एक ग्रामीण पर नर हाथी ने हमला कर दिया। हाथी के हमले में ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, ग्रामीण शिवपुर के जंगल क्षेत्र में भैंस चराने गया था। इसी दौरान उसका सामना एक नर हाथी से हो गया। अचानक हाथी ने ग्रामीण पर हमला कर दिया। ग्रामीण को संभलने का मौका तक नहीं मिला और हमले में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि संबंधित नर हाथी झारखंड की ओर से क्षेत्र में पहुंचा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र में हाथियों की गतिविधियों की निगरानी शुरू कर दी गई है।
क्षेत्र में चार हाथियों के दल की मौजूदगी
वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक क्षेत्र में अलग-अलग चार हाथियों का दल विचरण कर रहा है। हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। आसपास के ग्रामीणों को जंगल और हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है, ताकि हाथियों और ग्रामीणों के बीच किसी तरह का टकराव न हो। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे हाथियों को देखने या उनका पीछा करने की कोशिश न करें और जंगल की ओर जाने से बचें।
ग्रामीणों में बढ़ी दहशत
ग्रामीण की मौत की खबर फैलते ही आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया। हाथियों की मौजूदगी के कारण ग्रामीण अपने मवेशियों को जंगल क्षेत्र में ले जाने से भी चिंतित हैं। वन विभाग की ओर से लोगों को विशेष सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है।
विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि किसी इलाके में हाथियों की मौजूदगी की जानकारी मिले तो उस क्षेत्र में जाने से बचें। हाथियों के बेहद करीब जाने, उन्हें छेड़ने या उनके रास्ते में आने से गंभीर खतरा हो सकता है।
शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया
घटना के बाद मृतक ग्रामीण के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस और वन विभाग की टीम घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटा रही है। वहीं वन विभाग हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखते हुए क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत कर रहा है।
हाथियों की आवाजाही को देखते हुए ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह का जोखिम न उठाएं और वन विभाग की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें।









