IPS रतनलाल डांगी पर गंभीर आरोप, SI की पत्नी ने हाईकोर्ट का खटखटाया दरवाजा; निष्पक्ष जांच की मांग

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बिलासपुर। CG DASTAK 

छत्तीसगढ़ के निलंबित IPS अधिकारी रतनलाल डांगी के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। एक सब-इंस्पेक्टर (SI) की पत्नी ने मामले की जांच को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की है। महिला की ओर से अधिवक्ता अभिषेक पांडेय ने याचिका पेश की है। याचिका में आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए वरिष्ठ महिला IAS अधिकारी को जांच की जिम्मेदारी सौंपने की मांग की गई है।

महिला का आरोप है कि वर्तमान में मामले की जांच जिन पुलिस अधिकारियों को दी गई है, उनसे उसे निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है। याचिका में तत्कालीन IG आनंद छाबड़ा और तत्कालीन DIG मिलन कुरे का भी उल्लेख किया गया है। महिला का कहना है कि दोनों अधिकारी आरोपी अधिकारी के समान रैंक के अधिकारी रहे हैं, जबकि इनमें से एक अधिकारी उनसे जूनियर भी था। इसी आधार पर महिला ने किसी वरिष्ठ IAS अधिकारी, विशेष रूप से महिला IAS अधिकारी से जांच कराने की मांग की है।

योग सिखाने के दौरान हुई थी पहचान

याचिका में महिला ने दावा किया है कि उसकी पहचान IPS रतनलाल डांगी से योग सिखाने के दौरान हुई थी। महिला के अनुसार शुरुआत में दोनों के बीच ऑनलाइन योग क्लास के माध्यम से बातचीत होती थी। आरोप है कि कुछ महीने बाद अधिकारी ने वीडियो कॉल के दौरान कथित तौर पर आपत्तिजनक हरकतें शुरू कर दीं।

महिला ने विरोध करने पर कथित रूप से उसे और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया है। साथ ही, महिला का दावा है कि पुलिस विभाग में नौकरी कर रहे उसके पति के खिलाफ भी कार्रवाई कराने की धमकी दी गई।

WhatsApp चैट और वीडियो कॉल के सबूत होने का दावा

महिला ने अपनी याचिका में दावा किया है कि उसके पास WhatsApp चैट और वीडियो कॉल से जुड़े डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित हैं। उसके मुताबिक इन साक्ष्यों के साथ उसने 15 अक्टूबर 2025 को पुलिस महानिदेशक (DGP) को लिखित शिकायत भी दी थी।

मामले में शिकायत सामने आने के बाद पुलिस विभाग की ओर से कार्रवाई की गई और IPS अधिकारी रतनलाल डांगी को निलंबित किया गया। हालांकि, महिला ने जांच प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए इसे किसी वरिष्ठ और स्वतंत्र अधिकारी से कराने की मांग की है।

कथित अवैध संपत्ति की जांच की भी मांग

याचिका में महिला ने केवल कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच की मांग नहीं की है, बल्कि IPS रतनलाल डांगी की कथित अवैध संपत्ति की जांच कराने की मांग भी रखी है।

महिला का कहना है कि यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सेवा से बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई की जानी चाहिए। यानी मामला अब केवल व्यक्तिगत आरोपों तक सीमित नहीं है, बल्कि याचिका में संपत्ति और सेवा संबंधी पहलुओं की जांच की मांग भी उठाई गई है।

हाईकोर्ट में अगले सप्ताह सुनवाई की संभावना

महिला की ओर से छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में दाखिल रिट याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की संभावना जताई गई है। अदालत में सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में जांच को लेकर हाईकोर्ट क्या निर्देश देता है और आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ती है।

फिलहाल, इस पूरे मामले में लगाए गए आरोप याचिका में किए गए दावों पर आधारित हैं। आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। संबंधित पक्ष का जवाब अथवा अदालत के आगामी आदेश के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

CG Dastak इस मामले में सामने आने वाले न्यायालयीन आदेश, जांच की प्रगति और संबंधित पक्षों के आधिकारिक पक्ष को भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।

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