
धमतरी। CG DASTAK

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के बहुचर्चित ट्रिपल मर्डर केस में कोर्ट ने 5 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला धमतरी के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश मोहन सिंह कोरम की अदालत ने सुनाया। फैसला सामने आने के बाद मृतकों के परिजन नाराज नजर आए। उनका कहना है कि तीन युवकों की हत्या के मामले में आरोपियों को उम्रकैद नहीं, बल्कि फांसी की सजा मिलनी चाहिए थी। परिजनों ने फैसले के खिलाफ आगे अपील करने की बात कही है।
मामूली विवाद के बाद तीन युवकों की हत्या
यह पूरा मामला धमतरी के अर्जुनी थाना क्षेत्र के भोयना गांव स्थित अन्नपूर्णा ढाबा के पास का है। घटना 11 अगस्त 2025 की रात की बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, कार सवार पांच युवक धमतरी घूमने निकले थे। इसी दौरान वे भोयना गांव के पास स्थित अन्नपूर्णा ढाबा पहुंचे, जहां पहले से करीब आठ लोग बिल भुगतान को लेकर विवाद कर रहे थे।

बताया गया कि ढाबे में कुछ लोग कुर्सियां तोड़ रहे थे। इसी दौरान कार से उतरे युवकों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर गाली-गलौज और मारपीट की स्थिति बन गई।
चाकू से हमला, मौके पर हुई तीन युवकों की मौत
विवाद के दौरान मुख्य आरोपी गोपी दीवान ने अपने साथियों के साथ मिलकर आलोक सिंह ठाकुर, नितिन तांडी और सुरेश निहाल पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी।
पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में कुल 8 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आए थे, जिनमें 5 बालिग और 3 नाबालिग शामिल थे।
वारदात के बाद आरोपियों ने ली थी सेल्फी
मामले में सामने आई तस्वीरों ने भी काफी चर्चा बटोरी थी। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपियों ने सेल्फी ली थी। जांच के दौरान पुलिस ने इन तस्वीरों को भी साक्ष्य के तौर पर देखा। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
5 आरोपियों को उम्रकैद की सजा
लोक अभियोजक गीतेश प्रजापति के अनुसार, ट्रिपल मर्डर मामले में अदालत ने पांच आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा बलवा, हथियार रखने और अन्य लोगों से मारपीट के मामलों में भी आरोपियों को अलग-अलग अवधि की सजा सुनाई गई है।
बताया गया कि गोपी दीवान, कुलेश्वर नेताम और रणवीर साहू को हथियार रखने के मामले में भी अलग से सजा मिली है। हालांकि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
परिजनों ने फांसी की सजा की मांग की थी
मृतकों के परिजनों ने कोर्ट के फैसले पर असंतोष जताया। उनका कहना है कि उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं और परिवार ने अपने लोगों को खोया है। एक परिजन ने भावुक होकर बताया कि मृतक की करीब डेढ़ साल की बेटी आज भी दरवाजे की तरफ देखती है और उसे लगता है कि उसके पिता चॉकलेट लेकर वापस आएंगे।
परिजनों का कहना है कि उन्होंने आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग की थी। अब वे कोर्ट के फैसले के खिलाफ आगे अपील करने की तैयारी में हैं।
करीब एक साल में आया फैसला
आरोपियों के वकील के मुताबिक, मामले में करीब एक साल के भीतर फैसला आया। 11 नवंबर को कोर्ट में चालान पेश किया गया था और 12 अगस्त 2026 को फैसला सुनाया गया। अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग की थी, लेकिन अदालत ने पांच आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।
इस मामले में मृतकों के परिजनों के पास फैसले के खिलाफ उच्च अदालत में अपील करने का विकल्प मौजूद है। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे कानूनी कार्रवाई किस दिशा में जाती है।
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