
चिरमिरी/एमसीबी। छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर यानी MCB जिले के चिरमिरी क्षेत्र से जमीन धंसने की एक घटना सामने आई है। हल्दीबाड़ी क्षेत्र में रविवार को अंग्रेजी शराब दुकान के समीप अचानक जमीन का एक हिस्सा धंस गया, जिसके बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जमीन का धंसा हुआ हिस्सा काफी गहरा दिखाई दे रहा है और करीब 3 से 5 मीटर तक जमीन नीचे जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इस गहराई का आधिकारिक तकनीकी मापन अभी सामने नहीं आया है।
अचानक जमीन धंसने से मचा हड़कंप
मिली जानकारी के अनुसार घटना के समय कुछ लोग शराब दुकान के आसपास मौजूद थे। इसी दौरान अचानक जमीन का एक हिस्सा नीचे धंस गया।
घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और लोग तत्काल सुरक्षित स्थान की ओर हट गए।
CG Dastak से बातचीत में स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी सतीश यादव ने बताया कि वे अपने एक मित्र के साथ घटनास्थल के समीप बैठे हुए थे। इसी दौरान अचानक जमीन धंसने की घटना सामने आई और मौके पर मौजूद लोगों में हलचल मच गई।
इलाके में पहले भी जमीन धंसने की बात
सतीश यादव के मुताबिक हल्दीबाड़ी क्षेत्र में जमीन धंसने की यह पहली घटना नहीं है। उनका दावा है कि इससे पहले भी क्षेत्र में जमीन धंसने की घटनाएं हो चुकी हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व की घटनाओं के कारण आसपास की कुछ दुकानों और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की एक शाखा के बंद होने की स्थिति बनी थी।
हालांकि, इन पूर्व घटनाओं और वर्तमान घटना के बीच आधिकारिक तौर पर कोई संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि संबंधित विभाग की तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी।
भूमिगत खनन और आग को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता
चिरमिरी लंबे समय से कोयला खनन क्षेत्र रहा है। क्षेत्र में भूमिगत खदानों की मौजूदगी भी दर्ज है।
चिरमिरी में अतीत में भूमिगत कोयला आग और जमीन धंसने से जुड़ी घटनाओं की मीडिया रिपोर्टिंग भी हुई है। 2021 की एक रिपोर्ट में हल्दीबाड़ी सहित चिरमिरी के कुछ क्षेत्रों में जमीन धंसने तथा भूमिगत आग का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट में उस समय SBI शाखा के आसपास जमीन में दरार आने की बात भी कही गई थी।
क्या भूमिगत आग या खनन के कारण धंसी जमीन?
वर्तमान घटना के बाद स्थानीय लोगों की ओर से भूमिगत आग और पुराने खनन क्षेत्रों को लेकर आशंका जताई जा रही है।
लेकिन आज की घटना का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है।
यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि जमीन भूमिगत आग या खनन के कारण ही धंसी है। इसके लिए भू-वैज्ञानिक, खनन या संबंधित तकनीकी विभाग की जांच आवश्यक होगी।
सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण करें और यह पता लगाया जाए कि जमीन के नीचे किसी तरह की खोखली संरचना, पुरानी भूमिगत खदान, आग, गैस या अन्य भू-तकनीकी समस्या तो नहीं है।
साथ ही संभावित खतरे वाले स्थान की पहचान कर वहां बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग भी की जा रही है।
खासकर जिस स्थान के पास जमीन धंसने की घटना हुई है, वहां लोगों की आवाजाही को लेकर सावधानी जरूरी है।
तकनीकी जांच से साफ होगी तस्वीर
वर्तमान में सबसे महत्वपूर्ण सवाल जमीन धंसने के वास्तविक कारण को लेकर है।
- क्या यह पुरानी भूमिगत खदान से जुड़ा मामला है?
- क्या जमीन के नीचे खाली स्थान बना हुआ है?
- क्या भूमिगत आग या गैस का कोई प्रभाव है?
- या फिर किसी अन्य भूगर्भीय कारण से जमीन धंसी है?
इन सभी सवालों का जवाब संबंधित तकनीकी टीम की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
CG Dastak को इस समय घटना की 3–5 मीटर गहराई और कारण को लेकर कोई आधिकारिक तकनीकी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है।
हम प्रशासन, नगर निगम/स्थानीय निकाय और SECL के आधिकारिक पक्ष की जानकारी सामने आने पर खबर को अपडेट करेंगे।
लोगों से सावधानी की अपील
जब तक संबंधित विभाग जमीन की स्थिति की जांच नहीं कर लेते, स्थानीय लोगों को धंसे हुए हिस्से के पास जाने से बचना चाहिए। यदि जमीन में नई दरार, धंसाव, धुआं या असामान्य गर्मी दिखाई दे तो तत्काल संबंधित प्रशासन/पुलिस को सूचना देना उचित होगा।
यह घटना क्षेत्र में सुरक्षा और पुराने खनन क्षेत्रों की निगरानी को लेकर एक बार फिर सवाल जरूर खड़े करती है।
स्थान: हल्दीबाड़ी, चिरमिरी | जिला: MCB
संवाददाता: अशोक कुमार, MCB









