
रायपुर। CG DASTAK
राजधानी रायपुर में कारोबार में पार्टनरशिप और डबल मुनाफे का झांसा देकर करीब 1.25 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कारोबारी भाई ने अपनी बहन और जीजा को पहले साझेदारी में शामिल किया, लेकिन रकम वापस मांगने पर कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए दोनों को फर्म से बाहर कर दिया गया।

RTI से सामने आया कथित फर्जीवाड़ा
मामला तब सामने आया जब पीड़िता शिवांगी गर्ग ने रजिस्ट्रार ऑफ फर्म्स से सूचना के अधिकार (RTI) के तहत दस्तावेज हासिल किए। शिकायत के मुताबिक, दस्तावेजों की जांच में 6 मार्च और 6 अप्रैल 2026 की पार्टनरशिप डीड में कथित तौर पर ऐसे हस्ताक्षर सामने आए, जबकि पीड़िता का दावा है कि वह दोनों तारीखों पर रायपुर में मौजूद ही नहीं थीं।
2020 में निवेश, बाद में पार्टनरशिप से बाहर करने का आरोप
शिकायत के अनुसार, साल 2020 में कारोबार बढ़ाने और ज्यादा मुनाफे का भरोसा देकर शिवांगी गर्ग और उनके पति से अलग-अलग समय पर नकद और बैंक के माध्यम से करीब 1.25 करोड़ रुपये का निवेश कराया गया। शुरुआत में भरोसा कायम रखने के लिए मुनाफे के नाम पर कुछ रकम भी खाते में भेजे जाने का दावा किया गया।

बाद में निवेश की रकम वापस मांगने पर 4 अप्रैल 2025 को दोनों फर्मों में पति-पत्नी को पार्टनर बनाया गया, लेकिन शिकायत के मुताबिक उसी दिन आरोपी ने खुद साझेदारी से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद मुनाफे का भुगतान रोकने और जनवरी 2026 में रकम लौटाने का आश्वासन देने के बावजूद भुगतान नहीं करने का आरोप है।
पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच शुरू
शिकायत के आधार पर तेलीबांधा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3), 338 और 340(2) के तहत केस दर्ज किया है।
महत्वपूर्ण: मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि होना अभी जांच का विषय है।










