
नई दिल्ली CG DASTAK
इंस्टाग्राम पर सक्रिय अभियान खुद को गैर-राजनीतिक बताता है; संचालकों की आधिकारिक पहचान सार्वजनिक नहीं, दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं।
खबर:
नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर ‘रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन’ (Reservation Hatao Movement – RHA) नाम से एक डिजिटल अभियान चर्चा में है। यह अभियान आरक्षण नीति में बदलाव की मांग कर रहा है और खुद को किसी भी राजनीतिक दल से अलग बताता है। हालांकि, इस अभियान के संस्थापक या संचालकों की आधिकारिक पहचान अब तक सार्वजनिक नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अभियान का इंस्टाग्राम अकाउंट “reservationhataomovement” नाम से संचालित किया जा रहा है। अभियान से जुड़े समर्थक इसे बड़े जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की बात कह रहे हैं। हालांकि, इसके फॉलोअर्स की संख्या और अन्य सोशल मीडिया दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
क्या हैं अभियान की प्रमुख मांगें?
अभियान से जुड़ी पोस्टों में दावा किया गया है कि आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की आवश्यकता है। इसके तहत प्रमुख मांगें इस प्रकार बताई गई हैं—
सरकारी दस्तावेजों में जाति का उल्लेख अनिवार्य न किया जाए।
स्कूल, कॉलेज, नौकरी और अन्य सरकारी प्रक्रियाओं में जाति पूछने की व्यवस्था समाप्त की जाए।
सार्वजनिक जीवन में जातिगत पहचान को बढ़ावा देने वाली व्यवस्थाओं में बदलाव किया जाए।
“एक देश, एक पहचान – भारतीय” की अवधारणा लागू करने की मांग।
अभियान का नारा बताया गया है— “आरक्षण हटाओ, जातिवाद हटाओ।”
संवेदनशील और संवैधानिक मुद्दा
आरक्षण भारत में एक संवैधानिक और संवेदनशील विषय है। अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए आरक्षण से जुड़े प्रावधान संविधान और विभिन्न कानूनों के तहत संचालित होते हैं। ऐसे किसी भी बदलाव के लिए विधायी और न्यायिक प्रक्रिया आवश्यक होती है।
फिलहाल इस सोशल मीडिया अभियान को लेकर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।










