रामगोपाल अग्रवाल की बढ़ीं मुश्किलें, कोल लेवी के बाद शराब घोटाले में भी गिरफ्तारी

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रायपुर। CG DASTAK 

EOW ने 22 जुलाई तक बढ़ाई पुलिस रिमांड, 104 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन को लेकर अदालत में किया बड़ा दा

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामगोपाल अग्रवाल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने शनिवार को उन्हें रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया, जहां अदालत ने कोल लेवी घोटाले मामले में उनकी पुलिस रिमांड 22 जुलाई तक बढ़ा दी है। इसी बीच ईओडब्ल्यू ने उन्हें शराब घोटाले में भी गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, ओवरटाइम घोटाले में पूछताछ की अनुमति भी एजेंसी को मिल गई है।

104 करोड़ रुपये पहुंचने का दावा

अदालत में ईओडब्ल्यू ने दावा किया कि जांच के दौरान मिले नए दस्तावेजों और तथ्यों के विश्लेषण से करीब 104 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन की जानकारी सामने आई है। एजेंसी का कहना है कि इस मामले में वित्तीय लेन-देन की गहन जांच जारी है और सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।

डायरियों और दस्तावेजों के आधार पर जांच तेज

जांच एजेंसी के अनुसार, कोल लेवी मामले के आरोपी सूर्यकांत तिवारी और अन्य आरोपियों के ठिकानों से बरामद डायरियों एवं दस्तावेजों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया है। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर कथित वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है।

ईओडब्ल्यू ने अदालत को बताया कि मामले में रामगोपाल अग्रवाल का अन्य आरोपियों और गवाहों से आमना-सामना कराया जाएगा। इसमें सूर्यकांत तिवारी, देवेंद्र डनसेना, निखिल चंद्राकर, रोशन सिंह, नारायण साहू और गवाह मोहसिन खान सहित अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। एजेंसी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य दस्तावेज भी जब्त करेगी।

शराब घोटाले में भी गिरफ्तारी

कोल लेवी मामले में रिमांड के दौरान ही ईओडब्ल्यू ने रामगोपाल अग्रवाल को शराब घोटाले में भी गिरफ्तार कर लिया। अदालत ने इस मामले में उन्हें 25 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। हालांकि, कोल लेवी मामले में पुलिस रिमांड जारी रहने के कारण फिलहाल वे ईओडब्ल्यू की हिरासत में ही रहेंगे।

ED भी मांग सकती है कस्टडी

सूत्रों के अनुसार, कोल लेवी, शराब घोटाला, डीएमएफ और कस्टम मिलिंग मामलों की जांच कर रहा प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी जल्द रामगोपाल अग्रवाल की कस्टडी मांग सकता है। माना जा रहा है कि ईओडब्ल्यू की जांच पूरी होने के बाद ईडी भी अदालत से अनुमति लेकर उनसे पूछताछ कर सकती है।

फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस प्रकरण में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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