
रायपुर CG DASTAK
रायपुर। छत्तीसगढ़ में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा एप 3Stumps से जुड़े मामले में रायपुर पुलिस को बड़ी कार्रवाई में सफलता मिलने की जानकारी सामने आई है। न्यायालय ने मामले के मुख्य आरोपी बताए गए बाबू उर्फ गुलशन खेमानी से जुड़ी करीब 1 करोड़ 42 लाख रुपये मूल्य की संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया है। पुलिस के अनुसार, इन संपत्तियों में छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में स्थित कृषि भूमि, भूखंड, व्यावसायिक दुकान और बैंक खाते में जमा धनराशि शामिल है।

यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 107 के तहत जारी किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, रायपुर ने विविध दांडिक प्रकरण क्रमांक 1353/2026 में 16 अक्टूबर 2026 को यह आदेश दिया।
13 अप्रैल को हुआ था सट्टा गिरोह का खुलासा
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के मुताबिक, गंज थाना पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) की संयुक्त टीम ने 13 अप्रैल 2026 को ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा एप 3Stumps से जुड़े संगठित गिरोह का खुलासा किया था।
पुलिस का आरोप है कि गुलशन खेमानी अपने सहयोगियों के माध्यम से कॉल सेंटर, विभिन्न मोबाइल नंबरों और बैंक खातों का इस्तेमाल कर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करता था। मामले की जांच के दौरान कथित तौर पर सट्टे से प्राप्त रकम के लेनदेन और आरोपियों से जुड़ी संपत्तियों की जानकारी जुटाई गई।

पुलिस के अनुसार, मामले में मुख्य आरोपी सहित कुल 29 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि, गिरफ्तारी या संपत्ति कुर्की का आदेश अपने आप में किसी आरोपी के दोषी ठहराए जाने के समान नहीं है। मामले में अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
सट्टे की रकम के लेनदेन की जांच
पुलिस के मुताबिक, सट्टे से प्राप्त कथित अवैध धनराशि को दूसरे लोगों के बैंक खातों में जमा कराया जाता था। इसके बाद रकम को अन्य खातों में स्थानांतरित किए जाने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि इस प्रक्रिया में सहयोग करने वाले लोगों को कमीशन दिया जाता था।
प्रकरण की वित्तीय जांच के दौरान आरोपियों के बैंक लेनदेन और संपत्तियों की पड़ताल की गई। इसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में संपत्तियों की कुर्की के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया।

पुलिस ने यह भी बताया कि इससे पहले मामले में लगभग 1 करोड़ 20 लाख रुपये मूल्य की सामग्री और वाहन जब्त किए जा चुके हैं।
किन संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश?
पुलिस की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, न्यायालय के आदेश में निम्न संपत्तियां शामिल हैं:
महासमुंद जिला: ग्राम अरंड स्थित कृषि भूमि, मूल्य लगभग 1.78 लाख रुपये।
रायपुर: देवपुरी में भूखंड, मूल्य लगभग 23 लाख रुपये।
रायपुर: जोरापारा में भूखंड, मूल्य लगभग 2.50 लाख रुपये।
महाराष्ट्र: ठाणे जिले के अंबरनाथ में व्यावसायिक दुकान, मूल्य लगभग 74 लाख रुपये।
बैंक जमा: बैंक ऑफ इंडिया के एफडी खाते से संबंधित लगभग 40.50 लाख रुपये की अंकित धनराशि।
इन संपत्तियों और बैंक जमा से जुड़ी कुल राशि करीब 1.42 करोड़ रुपये बताई गई है। संपत्तियों के मूल्यांकन और आदेश में दर्ज विवरण की पुष्टि संबंधित न्यायालयीन दस्तावेजों से की जानी चाहिए।
संपत्तियों के हस्तांतरण पर रोक लगाने की प्रक्रिया
रायपुर पुलिस के अनुसार, न्यायालय के आदेश के पालन में संबंधित राजस्व अधिकारियों, पंजीयन कार्यालयों और बैंक प्रबंधन को पत्र जारी किए गए हैं। इन पत्रों के माध्यम से संबंधित संपत्तियों के हस्तांतरण और बैंक धनराशि के अंतरण पर रोक लगाने की कार्रवाई की जा रही है।
इसके साथ ही आगे की वैधानिक प्रक्रिया के लिए संबंधित जिला कलेक्टरों को भी पत्र भेजे गए हैं।
गिरफ्तारी के साथ आर्थिक नेटवर्क पर भी नजर
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट का कहना है कि संगठित अपराधों के खिलाफ कार्रवाई केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। अपराध से कथित रूप से अर्जित धनराशि, अचल संपत्तियों और आर्थिक नेटवर्क की जांच भी की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य अपराध से मिलने वाले आर्थिक लाभ को रोकना और संगठित अपराध के आर्थिक आधार को कमजोर करना है।
महत्वपूर्ण: इस मामले में संपत्ति कुर्क करने का आदेश न्यायालय की कार्रवाई का हिस्सा है। आरोपों और संपत्तियों के संबंध में अंतिम निष्कर्ष संबंधित दस्तावेजों तथा न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही निकाला जाना चाहिए।
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