
रायपुर। CG DASTAK
रायपुर। छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर अब तक 2 लाख 31 हजार 850 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से 2 लाख 5 हजार 996 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। राज्य सरकार की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, कुल शिकायतों में से 88.85 प्रतिशत का समाधान किया गया है। शेष 25 हजार 854 शिकायतों पर कार्रवाई जारी है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को नवा रायपुर स्थित सीबीडी बिल्डिंग में संचालित सीएम हेल्पलाइन 1076 के कार्यालय में कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने शिकायतों के निराकरण, शिकायतकर्ताओं से लिए जा रहे फीडबैक और विभागवार तथा जिलावार प्रदर्शन की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला कलेक्टरों से भी चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ताओं से सीधे की बात
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री साय ने अलग-अलग जिलों के शिकायतकर्ताओं से स्वयं बातचीत की। उन्होंने जाना कि हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के बाद उनकी समस्याओं का समाधान हुआ या नहीं। नागरिकों ने अपने अनुभव साझा किए और कुछ मामलों में समस्या दूर होने पर संतुष्टि जताई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध, संवेदनशील और प्रभावी समाधान सुशासन की पहली कसौटी है। शिकायतों को केवल आंकड़ों में निपटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि संबंधित व्यक्ति को वास्तविक राहत मिले।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायत बंद करने से पहले नागरिक से फीडबैक लिया जाए और समस्या के समाधान की पुष्टि की जाए।
9 जून से 15 अक्टूबर तक दर्ज हुईं 2.31 लाख शिकायतें
समीक्षा बैठक में प्रस्तुत जानकारी के मुताबिक, 9 जून से 15 अक्टूबर 2026 के बीच सीएम हेल्पलाइन 1076 पर कुल 2,31,850 शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें से 2,05,996 शिकायतों का निराकरण किया गया, जबकि 25,854 शिकायतों पर कार्रवाई जारी है।
हेल्पलाइन पर प्रतिदिन औसतन 1,500 से 2,000 शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने शुरुआती परिणामों को उत्साहजनक बताते हुए कहा कि शिकायतों के निराकरण में अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने यह भी कहा कि शिकायतों के समाधान में अनावश्यक देरी या लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए। अच्छा काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित भी किया जाए।
एक शिकायत से 80 से 85 परिवारों को मिली बिजली
समीक्षा के दौरान गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र के शिकायतकर्ता दमन साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके गांव का ट्रांसफॉर्मर खराब होने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। इससे गांव के लगभग 80 से 85 परिवार प्रभावित हो रहे थे।
स्थानीय स्तर पर समस्या का समाधान नहीं होने पर उन्होंने सीएम हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई। जानकारी के अनुसार, शिकायत दर्ज होने के लगभग एक सप्ताह के भीतर नया ट्रांसफॉर्मर लगाया गया और बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
दमन साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि अब गांव में बिजली व्यवस्था सामान्य है। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता से समाधान होना चाहिए।
शिकायत के 10 दिन के भीतर मिली पीएम आवास की दूसरी किस्त
जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड निवासी वीरेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके घर के निर्माण की दूसरी किस्त मिलने में देरी हो रही थी। इससे निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा था।
उन्होंने अपनी शिकायत सीएम हेल्पलाइन 1076 पर दर्ज कराई। साझा की गई जानकारी के अनुसार, शिकायत के लगभग 10 दिनों के भीतर उनके बैंक खाते में दूसरी किस्त के रूप में 55 हजार रुपये की राशि प्राप्त हो गई।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों के पक्के घर का सपना पूरा करना है। इसलिए हितग्राहियों को किस्त समय पर मिलनी चाहिए, ताकि निर्माण कार्य में बाधा न आए।
नौ महीने से रुकी पेंशन दोबारा शुरू
मुंगेली जिले के ग्राम करही निवासी तोरण साहू ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनकी माताजी को लगभग नौ महीने से पेंशन नहीं मिल रही थी। इससे परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
तोरण साहू ने सीएम हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद संबंधित विभाग ने प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार, उनकी माताजी की पेंशन फिर से शुरू हुई और लंबित राशि का भी भुगतान किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन वृद्धजनों, विधवा महिलाओं, दिव्यांगजनों और जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा है। पात्र लोगों को इसके लिए अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
शिकायतों के आंकड़ों से व्यवस्था में सुधार के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों का नियमित विश्लेषण किया जाए। यदि किसी विभाग, योजना या सेवा से जुड़ी एक जैसी शिकायतें बार-बार मिल रही हैं, तो उनके मूल कारणों की पहचान कर व्यवस्था में सुधार किया जाए।
उन्होंने कॉल रिस्पॉन्स, शिकायत पंजीयन, संबंधित विभाग तक शिकायत पहुंचाने, निर्धारित समय-सीमा में समाधान और शिकायतकर्ता से फीडबैक लेने की प्रक्रिया को सरल तथा प्रभावी बनाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, सीएम हेल्पलाइन केवल शिकायत दर्ज कराने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह शासन की जवाबदेही बढ़ाने और नागरिक सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने का महत्वपूर्ण साधन भी है।
दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचे हेल्पलाइन का लाभ
मुख्यमंत्री साय ने बस्तर संभाग सहित दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के नागरिकों तक हेल्पलाइन की जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को अपनी समस्या लेकर जिला या राजधानी के कार्यालयों तक बार-बार आने की जरूरत न पड़े, इसके लिए हेल्पलाइन का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
इसके लिए ग्राम पंचायतों, उचित मूल्य दुकानों और कॉमन सर्विस सेंटरों में वॉल पेंटिंग सहित अन्य माध्यमों का उपयोग करने को कहा गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीकी और प्रक्रियागत कमियों को दूर करते हुए हेल्पलाइन को और मजबूत बनाया जाए, ताकि शिकायत दर्ज कराने से लेकर उसके समाधान तक नागरिकों को सहज अनुभव मिले।
जनता का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि लोगों की समस्याओं का समाधान करना सरकार का दायित्व है। सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि नागरिकों की बात शासन तक पहुंचे और उनकी जायज समस्याओं का समय पर समाधान हो।
समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल सहित विभिन्न विभागों के सचिव और सभी जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
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