रायगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी, अवैध परिवहन रोकने 20 चेकपोस्ट पर निगरानी

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रायगढ़। CG DASTAK 

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिले में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने की जानकारी दी गई है। खरीदी व्यवस्था को सुचारु बनाने और सीमावर्ती राज्यों से अवैध रूप से धान लाकर बेचने की आशंका को रोकने के लिए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में 20 अंतरराज्यीय चेकपोस्ट बनाए गए हैं। इन चेकपोस्ट पर 1 नवंबर से निगरानी शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही जिले के 112 धान उपार्जन केंद्रों में खरीदी की तैयारियां की जा रही हैं।

20 चेकपोस्ट पर होगी निगरानी

अवैध धान परिवहन और बिचौलियों की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए जिले की 10 तहसीलों में उड़नदस्ता दल गठित किए गए हैं। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्धारित समय पर चेकपोस्ट पर मौजूद रहकर सीमावर्ती क्षेत्रों से आने वाले धान और वाहनों की जांच करने की जिम्मेदारी दी गई है।

प्रशासन ने तीन पालियों में चार टीमों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था की है। रविवार को लैलूंगा एसडीएम ने ग्राम हांडीपानी में ओडिशा सीमा पर तैयार किए जा रहे धान चेकपोस्ट का निरीक्षण किया। वहीं, लमडांड-उषाकोटी मार्ग पर भी चेकपोस्ट शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है।

10 तहसीलों में बनाए गए उड़नदस्ता दल

जिले में अवैध धान परिवहन, भंडारण और कोचियों-बिचौलियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जिला स्तरीय निगरानी समिति बनाई गई है। इसमें राजस्व, खाद्य, मंडी और सहकारिता विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया है।

रायगढ़, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, धरमजयगढ़, छाल, कापू, लैलूंगा और मुकडेगा तहसीलों में उड़नदस्ता दल गठित किए गए हैं। इन दलों को अपने-अपने क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई है।

खरीदी से पहले सभी केंद्रों का होगा निरीक्षण

कलेक्टर ने एसडीएम और केंद्र स्तरीय नोडल अधिकारियों को धान खरीदी शुरू होने से पहले सभी उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रों में समतल स्थल, पर्याप्त जल निकासी, नए और पुराने बारदानों की उपलब्धता, कंप्यूटर कक्ष, कर्मचारियों तथा हमालों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

इसके अलावा किसानों के बैठने, छांव, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की भी जांच की जाएगी, ताकि खरीदी के दौरान किसानों को परेशानी न हो।

CCTV कैमरे और 30 दिन का बैकअप अनिवार्य

धान उपार्जन केंद्रों के प्रवेश और निकास द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। कैमरों की नियमित जांच करने और कम से कम 30 दिनों तक रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

प्रशासन ने नए और पुराने बारदानों की पर्याप्त उपलब्धता, निर्धारित स्टेंसिल लगाने और धान के सुरक्षित भंडारण पर भी जोर दिया है। मोटा और सरना धान अलग-अलग बारदानों में रखने की व्यवस्था की जाएगी।

घर बैठे ऑनलाइन टोकन की सुविधा

किसानों को टोकन लेने के लिए समितियों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए इस वर्ष भी तुंहर टोकन मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन जारी करने की व्यवस्था रखी गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसान ऐप के माध्यम से 24 घंटे टोकन प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा सोसायटी संचालकों के माध्यम से भी टोकन जारी किए जाएंगे। ऐप के जरिए सुबह 8 बजे से और सोसायटी स्तर पर सुबह 9:30 बजे से टोकन जारी करने की व्यवस्था बताई गई है।

जिले में धान खरीदी की तैयारियों के साथ प्रशासन का फोकस अवैध धान परिवहन रोकने, उपार्जन केंद्रों में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने और किसानों को सुविधाजनक खरीदी व्यवस्था उपलब्ध कराने पर है।

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